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राष्ट्रपति की अरुणाचल यात्रा पर चीन ने तरेरी आंखें

Sat, 30 Nov 2013 12:03 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
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राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अरुणाचल प्रदेश को देश का ‘अभिन्न और महत्वपूर्ण’ हिस्सा करार दिया है। गौरतलब है कि पूर्वोत्तर भारत के इस राज्य पर चीन दावा करता रहा है। अरुणाचल प्रदेश की विधानसभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने चीन के दावे को नजरअंदाज करते हुए कहा कि इस राज्य को लंबे समय तक दूरदराज वाला क्षेत्र नहीं माना जाना चाहिए।
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प्रणब ने कहा, ‘केंद्र और राज्य सरकारों को चाहिए की दोनों मिलकर यहां बुनियादी ढांचा विकसित करें और इस क्षेत्र की शेष भारत से ‘कनेक्टीविटी’ और बढ़ाएं। इसमें अरुणाचल के लोगों को हर तरह की सहायता दी जाए।’ उन्होंने कहा कि देश की पूर्व की ओर देखो नीति में अरुणाचल अहम है।

राष्ट्रपति ने कहा, ‘अरुणाचल में प्रकृतिक संसाधनों का विशाल भंडार है और यहां स्तरीय श्रमशक्ति मौजूद है। इन सब के चलते उत्तर-पूर्व में निवेश और व्यापार का केंद्र बनने की अपार संभावनाएं हैं।’ राष्ट्रपति दो दिनों की यात्रा पर अरुणाचल में हैं।
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गौरतलब है अरुणाचल पर चीन दावा करता रहा है और पूर्वोत्तर के इस राज्य में भारतीय प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति के हर दौरे पर अब तक कड़ा विरोध भी दर्ज कराता रहा है। इतना ही नहीं चीन अरुणाचल के लोगों को भारतीय पासपोर्ट पर वीजा न देकर नत्थी वीजा जारी करता है। हालांकि राष्ट्रपति ने शुक्रवार को अरुणाचल विधानसभा को संबोधित करते हुए बीजिंग को स्पष्ट संदेश दे दिया है कि पूर्वोत्तर का यह राज्य भारत का अभिन्न हिस्सा है।

प्रणब की अरुणाचल यात्रा से चीन नाखुश
चीन ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की अरुणाचल यात्रा पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि वह भारत से ऐसे कदमों से परहेज करने की उम्मीद करता है जिनसे सीमा संबंधी सवाल और जटिल होते हों।

चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि भारतीय पक्ष भी द्विपक्षीय संबंधों के समग्र हितों को सुरक्षित रखने के लिए कदम बढ़ाएगा, ऐसे कदम उठाने से परहेज करेगा जो सीमा संबंधी सवाल को जटिल बनाते हों, सीमावर्ती इलाकों में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए मिलकर काम करेगा तथा सीमा वार्ता के लिए महौल तैयार करेगा। चीनी विदेश मंत्रालय ने एक सवाल के जवाब में यह बयान दिया है।

गौरतलब है कि जब वर्ष 2009 में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अरुणाचल यात्रा पर गए थे तो चीन ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। चीन अरुणाचल को पूर्व तिब्बत बता कर इस क्षेत्र पर अपना दावा करता रहा है।
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