फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मांझी की बढ़ी मुश्किल, अब देना होगा इस्तीफा!

विज्ञापन
विज्ञापन
बिहार के मौजूदा मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को जद-यू ने पद से हटने को कह दिया है। पार्टी अध्यक्ष शरद यादव ने एक चिट्ठी लिखकर मांझी को बता दिया है कि विधानमंडल की बैठक में अब नीतीश कुमार को नया नेता चुन लिया गया है इसलिए वो अपने पद से तुरंत इस्तीफा दे दें।
विज्ञापन


हालांकि मांझी ने अभी तक पार्टी अध्यक्ष के इस खत का कोई जवाब नहीं दिया है। मांझी नीति आयोग की एक बैठक में हिस्सा लेने दिल्ली पहुंचे थे। बिहार में आए सियासी तूफान के बीच मांझी ने रविवार को सेवन आर सी आर में प्रधानमंत्री मोदी से गुप्त मुलाकात भी की है।

वहीं कांग्रेस, भाकपा और जद-यू के एक प्रतिनिधिमंडल ने राजभवन जाकर कार्यवाहक राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी के नाम एक समर्थन पत्र उनके मुख्य सचिव को भी सौंप दिया है। राज्यपाल फिलहाल कोलकाता में हैं और वो सोमवार को पटना आएंगे। स्पीकर ने नीतीश कुमार को विधायक दल के नेता की मान्यता भी दे दी है।
विज्ञापन


राज्यपाल के सचिव को सौंपे गए पत्र में जद-यू ने 129 विधायकों के समर्थन प्राप्त होने की बात भी पुष्ट की है।

मांझी-नीतीश जंग ने बदली बिहार की राजनीति

बिहार में नीतीश कुमार और जीतन राम मांझी के बीच जारी सत्ता संघर्ष अब एक नया मोड़ ले चुका है। जहां एक ओर जेडीयू ने नीतीश कुमार को फिर से विधायक दल का नेता चुन मांझी को झटका दे दिया है, वहीं मांझी अपनी कुर्सी से हटने को तैयार नहीं हैं। गौरतलब है कि मांझी ने शनिवार को विधानसभा भंग करने की सिफारिश की थी।

राज्य में आए इस राजनीतिक संकट के बीच जेडीयू ने नीतीश कुमार को विधायक दल का नेता चुनने के बाद सरकार बनाने का दावा ठोकने का एलान भी कर दिया है।

वहीं जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव का कहना है कि उनके पास 130 विधायकों का समर्थन हैं और जरूरत पड़ने पर उनकी परेड भी कराने को तैयार हैं।

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश ने आरोप लगाया है कि भाजपा को उनसे परेशानी होती थी और भाजपा को एन केन प्रकारेण बस सत्ता चाहिए। उन्होंने कहा कि अब भाजपा का भेद खुल गया है।

क्या है बिहार विधानसभा की स्थिति

बिहार विधानसभा में फिलहाल 233 विधायक हैं। इस हिसाब से किसी को भी सरकार बनाने का दावा करने के लिए सिर्फ 117 विधायकों का समर्थन पेश करने की जरूरत होगी। नीतीश कुमार के पास जेडीयू के 100 विधायक हैं और उनका कहना है कि उन्हें आरजेडी के 24, कांग्रेस के 5 और सीपीआई के एक विधायक के साथ 130 विधायकों के समर्थन प्राप्त है।

वहीं अगर जीतन राम मांझी ने हल्के फुल्के अंदाज में 'मांझी का कहीं नाव डूबता है' कहकर कई कयासों को जन्म दे दिया। मांझी के पास 13 विधायकों का समर्थन हैं और वहीं उन्हें अपनी कुर्सी बचाने के लिए भाजपा के 88 विधायकों का समर्थन भी चाहिए होगा। सूत्रों के मुताबिक मांझी ने 20 फरवरी को विधायकों की बैठक भी बुलाई है।

गौरतलब है कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद मुख्यमंत्री पद से हटकर अपनी जगह जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बिठा दिया था। मुख्यमंत्री बनने के बाद मांझी ने नीतीश की खूब तारीफ की थी।
विज्ञापन

के सी त्यागी ने लगाया अमित शाह पर आरोप

जेडीयू नेता केसी त्यागी ने सीधे तौर पर भाजपा पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस पूरी कहानी कि स्क्रिप्ट दिल्ली में लिखी गई है और अमित शाह जी इसके संचालक हैं।

उन्होंने कहा कि इस पूरे खेल के मास्टरमाइंड मोदी जी और अमित शाह जी हैं और वो नहीं चाहते हैं कि नीतीश कुमार जी दोबारा से बिहार के मुख्यमंत्री बनें।

त्यागी ने बताया कि पार्टी अध्यक्ष शरद यादव 130 विधायकों के समर्थन वाली पूरी सूची दोपहर दो बजे राज्यपाल को सौंप देंगे। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि राज्यपाल जल्द ही नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनने का न्यौता देंगे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें