उत्तर प्रदेश के अब सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में गरीबों को मुफ्त
इलाज मिल सकेगा। स्वास्थ्य विभाग ने तय किया है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य
बीमा योजना सभी कॉलेजों में भी शुरू कराई जाए। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने
बीमा कंपनियों को नए निर्देश दिए हैं। कंपनियां कॉलेजों में जाकर नई
व्यवस्था लागू कराएगी।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना को नए सिरे से प्रदेश में लागू कर दिया गया
है। इसके तहत पहले चरण में प्रदेश में 37 जिलों को लिया गया है। इसमें
बीमा कंपनियों ने स्मार्ट कार्ड बनाने का काम शुरू कर दिया है। अब तक करीब
आठ लाख लोगों के कार्ड बनाए जा चुके हैं।
इस कार्ड से तीस रुपये देकर ही (बीपीएल) परिवारों को 30 हजार तक का मुफ्त
इलाज मुहैया कराया जाएगा। वहीं राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत सभी
सरकारी अस्पतालों के साथ ही सभी सरकारी-निजी मेडिकल कॉलेजों और डेंटल
कॉलेजों को भी अपने दायरे में लिया जा रहा है।
प्रदेश में सात सरकारी मेडिकल कॉलेज, 15 निजी मेडिकल कॉलेज और 25 निजी
डेंटल कॉलेज हैं। मरीजों की तादाद यहां भी काफी रहती है। अब बीमा कंपनियों
को इन्हें अपने दायरे में लेने को कहा गया है। जल्द ही राष्ट्रीय स्वास्थ्य
बीमा योजना इन्हें खुद से संबद्ध करेगी।
निगरानी भी होगी साथ-साथ
पहली बार जिला, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर ग्रिवांस सेल बनाई जा रही है।
यह सेल पूरी योजना की मानीटरिंग और हिसाब-किताब रखेगी। इसके अलावा बीमा
योजना में कार्यरत लोगों के साथ गांवों में जाकर प्रधानों को जागरूक करने
के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम भी चलाए जाएंगे।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना को भले ही स्वास्थ्य विभाग ने अपने दायरे
में ले लिया हो लेकिन अब बीमा योजना ने अशोक मार्ग पर अपना नया कार्यालय
शुरू कर दिया है। यहीं से जल्दी ही बीमा योजना की हेल्पलाइन भी शुरू होगी।