चड्ढा बंधु हत्याकांड में रविवार को दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा को अहम सुराग हाथ लगा है। पुलिस टीम ने मामले में मुख्य आरोपी सुखदेव सिंह नामधारी के ऊधमसिंह नगर, बाजपुर स्थित फार्म हाउस से एक पिस्टल और एक डबल बैरल बंदूक बरामद की है।
तलाशी के दौरान 5 कारतूस भी पुलिस को मिले हैं। इस दौरान नामधारी पुलिस के साथ ही था। हथियार बरामद करने के बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने पंतनगर के गांव छतरपुर में भी दबिश दी और दिल्ली रवाना हो गई। हालांकि इस मामले में अब एक ऐसा मोड़ आ गया है जिससे दिल्ली पुलिस के लिए यह साबित करना मुश्किल होगा कि शराब कारोबारी पोंटी चड्ढा के भाई हरदीप पर बरामद पिस्टल से ही गोली चलाई गई थी।
दरअसल, पुलिस दावा कर रही है कि 17 नवंबर को हुए हत्याकांड में हरदीप पर नामधारी ने ही गोलियां चलाईं थीं। मगर सूत्र बताते हैं कि हरदीप के शरीर से निकली गोलियां .30 एमएम की थीं, जबकि पुलिस ने रविवार को जो पिस्टल बरामद की वह 7.62 एमएम की है। पुलिस पहले ही यह संदेह जाहिर कर चुकी है कि नामधारी सबूतों से छेड़छाड़ करने में माहिर है।
ऐसे में पुलिस के सामने गोली चलाने वाली पिस्टल बरामद करना बड़ी चुनौती होगी। सूत्रों की मानें तो नामधारी ने पुलिस को गच्चा देने के लिए कोई दूसरी पिस्टल जान बूझकर बरामद करवाई है। नामधारी के फार्म हाउस से बरामद हथियारों को अधिकारी बड़ी कामयाबी मान रहे हैं।
बरामद हथियारों का लाइसेंस नामधारी के नाम पर पंजाब के कुराली रूपनगर (मोहाली) से 1 मार्च 2010 को बना था। लाइसेंस पर तीन शस्त्र दर्ज थे। लाइसेंस 1 मार्च 2013 तक वैध बताया गया है। जांच से जुडे़ पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि हरदीप के शरीर से मिली तीनों गोलियां और बरामद पिस्टल को बैलेस्टिक जांच के लिए भेजा जाएगा।
नहीं मिला हरदयाल
नामधारी के फार्महाउस की तलाशी लेने के बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने पंतनगर के गांव छतरपुर निवासी हरदयाल सिंह के घर पर दबिश दी, लेकिन वह फरार मिला। दिल्ली पुलिस चड्ढा हत्याकांड में सबूत जुटाने के लिए हरदयाल की तलाश कर रही है। हरदयाल हिस्ट्रीशीटर है, जो दिल्ली और गाजियाबाद में रहता है।