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भारत में आज भी है बहुपत्नी प्रथा, आंकड़ों से हुआ खुलासा

Wed, 04 Mar 2015 08:29 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
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भारत में पुरुषों और महिलाओं का जो आंकड़ा है उसमें सभी पुरुषों के लिए एक-एक पत्नी भी मिलना संभव नहीं है। लेकिन यहां एक पुरुष के पास कई पत्नियां यानी बहु पत्नी प्रथा का सच सामने आया है जो चौंकाने वाला है।
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टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार, हाल में जारी हुए जनसंख्या आंकड़ो में बहु पत्नी प्रथा का सच सामने आया है। आंकड़ों में बताया गया है कि 29.3 करोड़ विवाहित महिलाओं के बीच 28.7 करोड़ विवाहित पुरुष ही हैं। यानी विवाहित महिलाओं की तुलना में करीब 66 लाख पुरुष कम हैं।

2011 के जनसंख्या आंकड़ों में यह जानकारी भी सामने आई है कि देश में करीब 18 लाख महिलाएं ऐसी हैं जिनका बाल विवाह हुआ है। शादी के वक्त इन महिलाओं की उम्र औसतन 15 साल थी।
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किस वजह से कम हुई पुरुषों की संख्या?

आंकड़ों में विवाहित महिलाओं की तुलना में विवाहित पुरुषों संख्या तो कम बताई गई लेकिन देश में मौजूद विधवाओं और शादी के बाद नौकरी के लिए देश के बाहर जाने वाले पुरुषों के बारे में कुछ नहीं कहा गया।

आंकड़ों में बताया गया है कि पिछले कुछ सालों में पांच करोड़ 80 लाख लोगों की शादी हुई है जिसमें दो करोड़ 93 लाख म‌हिलाओं और दो करोड़ 87 लाख पुरुषों की शादी हुई है।

महिलाओं की तुलना में कम पुरुषों की शादी की संख्या इस बात को साबित करती है कि एक पुरुष ने एक से ज्यादा महिलाओं से शादी की जिससे विवाहित महिलाओं की संख्या विवाहित पुरुषों की संख्या ज्यादा हो गई।

राज्यवार बहुविवाह के आंकड़ों पर बात करें तो केरल में सबसे ज्यादा बहुपत्‍नी प्रथा का चलन सामने आया है। यहां 1.13 विवाहित महिलाओं के बीच एक विवाहित पुरुष ही आता है।

वहीं केरल के बाद उत्तराखंड, हिमाचल, बिहार और उत्तर प्रदेश का नंबर है जहां 1.04 से 1.07 तक विवाहित महिलाओं के बीच एक विवाहित पुरुष आता है।
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