भारतीय सैनिकों पर हमले की घटना पर एकजुटता दिखाने की बजाय कांग्रेस और भाजपा में आतंकवाद की कसौटी पर अपनी कमीज को ज्यादा सफेद बताने की होड़ मच गई है।
कांग्रेस ने बाकायदा आंकड़े जारी कर बताया है कि एनडीए सरकार के वक्त यूपीए के मुकाबले सबसे ज्यादा पाकिस्तान फौज के हमले और आतंकी घुसपैठ की घटनाएं हुई हैं।
रक्षा मंत्री एके एंटनी पर विपक्ष के हमले से घिरी सरकार और कांग्रेस ने अपने बचाव में भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
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कांग्रेस महासचिव अजय माकन ने ट्वीट कर आंकड़े दिए कि आतंकी घटनाओं में एनडीए के राज में हर साल 874 लोग मारे गए जबकि यूपीए के कार्यकाल में सिर्फ 15 लोग ही मरे हैं।
उन्होंने लिखा है कि एनडीए के राज में 1998 से 2004 के दौरान जम्मू कश्मीर में सबसे ज्यादा 6115 आम नागरिक मारे गए यानी हर साल 874 लोगों की मौत हुई। जबकि यूपीए के दौर में पिछले साल सिर्फ 15 लोग मारे गए।
उन्होंने कहा कि एनडीए के राज में 1998 से 2004 के दौरान कुल 23603 आतंकी वारदात हुईं। यानी हर साल 3372 आतंकी वारदात हुईं। जबकि यूपीए राज में पिछले साल सिर्फ 220 ऐसी घटनाएं हुईं।
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माकन ने कहा कि एंटनी के बयान पर हंगामा करने वाली भाजपा को वह घड़ी याद करनी चाहिए जब उनकी सरकार के समय 2001 में बांग्लादेश सीमा पर 16 बीएसएफ जवानों की निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई थी। तब कांग्रेस ने राजनीति नहीं की थी।
माकन ने कहा कि ये आंकड़े यूपीए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। आगरा सम्मेलन, लाहौर घोषणा और कारगिल हमले के दौरान भाजपा की नीतियां नाकाम साबित हो चुकी है।