संसद भवन में राजनीतिक दलों को कमरा आवंटित होने का अंतिम फैसला होते ही विवाद शुरू हो गया है।
मंगलवार को कमरे पर कब्जे के सवाल पर टीएमसी और टीडीपी के सांसद आपस में भिड़ गए। इस दौरान पहले टीएमसी ने कमरा संख्या 5 पर लगी टीडीपी की नेमप्लेट हटाकर अपनी पार्टी की नेमप्लेट लगा दी, तो बाद में टीडीपी ने टीएमसी की प्लेट उतारकर फिर से अपनी पार्टी की नेमप्लेट लगा दी।
इस दौरान टीएमसी के सांसद सुदीप बंदोपाध्याय और टीडीपी के कार्यालय सचिव सत्यनारायण के बीच कहासुनी भी हुई। दरअसल यह कमरा पहले टीडीपी के नाम आवंटित था, जिसे अब टीएमसी के नाम आवंटित कर दिया गया है।
नए सिरे से कमरों का आवंटन किया
टीडीपी के सांसदों ने इस संबंध में लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन और संसदीय कार्यमंत्री वेंकैया नायडू से मुलाकात कर कमरा छीने जाने पर आपत्ति जताते हुए पहले की व्यवस्था बहाल रखने का आग्रह किया है।
उल्लेखनीय है कि नई लोकसभा में दलों की सीटों की संख्या के आधार पर नए सिरे से कमरों का आवंटन किया गया है। इस क्रम में लोकसभा की चौथी बड़ी पार्टी टीएमसी को कमरा संख्या पांच आवंटित किया गया, जो पहले टीडीपी को आवंटित था।
आवंटन के बाद बंदोपाध्याय ने मंगलवार को इस कमरे में दस्तक दी। इस दौरान इस कमरे के दरवाजे पर लगी टीडीपी की नेमप्लेट को हटा कर टीएमसी की नेमप्लेट लगा दी गई।
उस दौरान वहां मौजूद सत्यनारायण की बंदोपाध्याय से तकरार भी हुई। तकरार के दौरान ही टीडीपी के सांसदों ने तत्काल टीएमसी की नेमप्लेट हटाकर वहां फिर से पार्टी की नेमप्लेट लगा दी।
इसके बाद टीडीपी के नाराज सांसदों ने स्पीकर और संसदीय कार्य मंत्री से अलग-अलग मुलाकात कर कमरा संख्या 5 का नए सिरे से किए गए आवंटन को रद्द करने की मांग की।
कई और दल हैं नाराज
नए सिरे से कमरे के आवंटन से जदयू सहित कई अन्य दल भी नाराज हैं। जदयू ने भूतल का कमरा छीने जाने पर आपत्ति जताई है।
उल्लेखनीय है कि दलों के संख्या बल के आधार पर किए गए आवंटन में कांग्रेस सहित कई दलों के न केवल बड़े कमरे छिन गए हैं, बल्कि इन्हें पूर्व में आवंटित किए गए कमरों की संख्या में भी कटौती की गई है।
मसलन सपा और बसपा को पहले के 2 कमरों की जगह 1 कमरा ही आवंटित किया गया है, तो राजद को कोई कमरा नहीं मिला है। कांग्रेस को आवंटित कमरों की संख्या 3 से घटकर 2 रह गई है।
जबकि भाजपा को आवंटित कमरे की संख्या 3 से बढ़ कर 6 हो गई है। कमरा आवंटन का फायदा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करने वाले अन्नाद्रमुक, टीएमसी और बीजेडी को भी मिला है।