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लोकसभा का सियासी गणित, किस खेमे में कितने वोट

Tue, 04 Dec 2012 01:11 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
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मल्टीब्रांड रिटेल में एफडीआई के मुद्दे पर आज लोकसभा के गरमाने का पूरा अंदेशा है। नियम में 184 के तहत हो रही बहस में वोटिंग भी होना है।
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सरकार का दावा है कि सदन में उसके नंबर पक्के हैं। उसे यूपीए के अलावा सहयोगी दलों के समर्थन का भरोसा भी है। सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने बसपा की मुखिया मायावती ने अब तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं।

हालांकि पिछले दो दिनों मे इन्होंने जो संकेत दिए हैं उससे इनके सरकार के साथ जाने के आसार ही अधिक दिख रहे हैं। वे यूपीए के साथ न जाकर अगर तटस्थ रहने का फैसला लेते हैं तो भी सरकार को मुश्किल नहीं होगी।  
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लोकसभा में इस समय यूपीए के पास 251 सदस्यों का समर्थन है, जिसमें कांग्रेस के 206 और डीएमके 18 सदस्य शामिल हैं। सपा के पास 22 और बसपा के पास 21 वोट हैं।

लोकसभा के कुल सदस्यों की संख्या 544 है। आज के बहस में जीत हासिल करने के लिए सरकार को इसके आधे सदस्यों के वोट की जरूरत पड़ेगी।

बहस में सरकार के विपक्ष में राजग, वामदलों समेत तृणमूल कांग्रेस के जाने की पूरी संभावना है। राजग के सबसे बड़े दल भाजपा के पास 115 सांसद हैं और जेडीयू के पास 20 सांसद हैं। वामदलों की संख्या 24 और तृणमूल की 19 है।

यदि आज की बहस में सपा व बसपा यूपीए को समर्थन देते हैं तो इनकी संख्या आसानी से 272 के पार चली जाएगी और यूपीए को कोई मुश्किल नहीं होगी।

सपा व बसपा यदि तटस्थ रहते हैं तो वोटिंग इनके सांसदों की संख्या घटाकर की जाएगी। इनके सदस्यों की संख्या घटाने पर यूपीए को बहस में जीत हासिल करने के लिए 251 सदस्यों की जरूरत पड़ेगी जो की उसके पास है।
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ऐसे में आज की बहस में सरकार के हारने के आसार कम ही हैं लेकिन मामला तब दिलचस्प हो जाएगा जब मायावती या मुलायम में से कोई भी एक सरकार के खिलाफ चला जाता है।


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