कारोबारी दीपक भारद्वाज की हत्या के मास्टरमाइंड और उद्देश्य का पता पुलिस ने लगा लिया है। पुलिस का शक परिवार के सदस्यों पर और गहरा गया है।
दक्षिणी जिले के वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि हत्या के लिए तीन से पांच करोड़ रुपये दिए गए थे। स्वामी को तीन करोड़ रुपये मिलने थे। पहले भी दो बार कारोबारी की हत्या की कोशिश की जा चुकी है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि स्वामी करीब 18 माह से आश्रम खोलने के प्रयास में था। इसके लिए वह हरिद्वार, करनाल और सोलन आदि कई जगहों के अलावा इलाहाबाद भी गया था। यहां उसने आश्रम के लिए जगह की तलाश की।
यहां लोगों ने उसे आश्रम में रहने और चलाने के लिए कहा था, लेकिन वह खुद का ऐसा आश्रम चाहता था, जिसमें उसकी सत्ता चले। इसके लिए उसे करीब 1.50 करोड़ रुपये की जरूरत थी। स्वामी ने कई आश्रमों को हथियाने का प्रयास किया, जिस कारण उसे वहां से निकाल दिया गया।
उसने मंदिर मार्ग स्थित हिंदू महासभा कार्यालय को भी हथियाने का प्रयास किया था, जहां से उसे डेढ़ माह पहले बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था। अधिकारियों ने दावा किया है कि पुलिस स्वामी के काफी करीब पहुंच गई है और जल्द ही उसे दबोच लिया जाएगा।
स्वामी के साथ कई बैठकें हुईं
दक्षिण जिला डीसीपी छाया शर्मा ने बताया कि स्वामी प्रतिभानंद की मुख्य साजिशकर्ता के साथ काफी बैठकें हुई थीं। इनमें इस पर भी चर्चा की गई कि दीपक की हत्या कहां की जाए। पहले यह तय हुआ था कि हत्या हरिद्वार में की जाए। बाद में दा नितेश कुंज में हत्या करना तय हुआ। स्वामी जब मुख्य साजिशकर्ता के साथ बैठक करने जाता था तो उसके साथ मुख्य शूटर पुरुषोत्तम भी मौजूद रहता था।