सुनने में भले ही थोड़ा अटपटा लगे। लेकिन यह है सच। शहर का सिविल लाइन थाना रविवार को पूरा दिन के लिए किराए पर दे दिया गया था। थाना तो असली था लेकिन पूरा दिन थाने पर नकली पुलिस वालों का कब्जा रहा। असली थाने में नकली पुलिस को देख थाने पहुंचे फरियादी दिनभर दुविधा में रहे।
थाने पर सुबह सात बजे से लेकर शाम को करीब इतने ही वक्त तक एक फिल्म यूनिट का कब्जा था। थाने में ‘2016 द एंड’ की शूटिंग चल रही थी। पूरा दिन थाने में लाइट..कैमरा..एक्शन का ड्रामा चलता रहा।
बेतहाशा क्राइम से जूझ रहे सिविल लाइन थाने में पूरा दिन चले इस ड्रामे को अधिकारी गलत नहीं मानते। थाने के गेट पर दोनों साइड फिल्म यूनिट के वाहनों की कतारें थीं। थाने के दरवाजे पर फिल्म यूनिट के साथ तैनात बाउंसरों का कब्जा था। ये बाउंसर फरियादियों को थाने में घुसने से रोकते रहे। जिन्होंने जबरदस्ती की उन्हें बाउंसरों के दो चार हाथ भी झेलने पड़े।