शक्ति मिल गैंगरेप मामले में एक आरोपी की मां जब उससे मिलने जेल पहुंची, तो उसे पुलिसकर्मी ने कथित तौर पर तमाचे जड़े। आखिर इसकी वजह क्या थी?
21 साल के कासिम शेख की मां चांद बीबी दस साल से विधवा है। वह अगरीपाड़ा में अपने बच्चों के साथ झुग्गी में रहती है। चांद बीबी ने बताया, 'रविवार को कुछ पत्रकार मेरे घर आए और बताया कि पुलिस ने मेरे बच्चे को पकड़ लिया है।'
उन्होंने बताया, 'मैं उसी रात क्राइम ब्रांच गई और घंटों इंतजार किया, लेकिन बड़े साहब ने मुझे मेरे बेटे से मिलने नहीं दिया। इसलिए मैं सोमवार सवेरे फिर वहां गई।'
चांद बीबी ने कहा, 'साहब ने मुझसे दो दिन के बाद आने के लिए कहा। मैं बेटे से मिलने के लिए उनकी मिन्नतें करने लगी, लेकिन उन्होंने मुझे दो थप्पड़ मारे। मैंने चुपचाप सहन कर लिया, क्योंकि मैं अपने बच्चे को देखना चाहती थी। कुछ देर बाद वह कासिम को मेरे सामने ले आए।'
पांचों आरोपियों में कासिम गिरफ्तारी के बाद अपने किसी पारिवारिक सदस्य से मिलने वाला पहला व्यक्ति है। चांद बीबी की अगरीपाड़ा झोपड़ी के आसपास शुक्रवार से कोई खास बदलाव नहीं आया है।
जब भी मीडिया वहां पहुंचती है, आसपास के लोग वहां एकजुट हो जाते हैं। कुछ पड़ोसियों का कहना है कि कासिम ऐसा नहीं कर सकता, जबकि दूसरों का मानना है कि यह मुमकिन है, क्योंकि पुलिस इतना बड़ा झूठ नहीं बोल सकती।