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एक चर्च जिसमें नहीं मना क्रिसमस, पुलिस तैनात

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हाथरस जिले में असरोई के चर्च में इस गांव के ग्रामीणों ने क्रिसमस का त्योहार नहीं मनाया। उन्होंने न चर्च को सजाया और न ही वहां प्रार्थना सभा की। सुबह से ही चर्च पर पुलिस फोर्स तैनात रहा। शाम तक चर्च पर क्रिसमस के मौके पर किसी तरह के आयोजन की खबर नहीं थी।
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उल्लेखनीय है कि धर्म जागरण समिति के तत्वावधान में अलीगढ़ के इगलास क्षेत्र के गांव असरोई के चर्च में 26 अगस्त को कार्यक्रम आयोजित हुआ था। चर्च में देवी-देवताओं की तस्वीर लगा दी गई थी और हवन यज्ञ कराकर आठ परिवारों के 60 लोगों को हिंदू धर्म में शामिल किया गया था। उसके बाद ईसाई धर्म के लोग व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे थे।

वहां फिर से यीशू की तस्वीर लगाई गई थी। अब जब धर्मांतरण का मुद्दा गरमाया तो यह गांव सुर्खियों में आया।
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'हमारा ईसाई धर्म से कोई मतलब नहीं है'

हिंदू धर्म से जुड़े लोगों का कहना था कि उन्हें काफी साल पहले तरह-तरह के लालच देकर ईसाई धर्म से जोड़ा गया था। गांव में चर्च बनवाया गया था, लेकिन वादा पूरा नहीं किया गया।

इन लोगों का कहना था कि वह बिना किसी लालच के हिंदू बने हैं। वैसे ग्राम प्रधान का कहना था कि यह लोग शुरू से ही  सरकारी अभिलेखों में हमेशा हिंदू ही थे। अब क्रिसमस के दिन यहां लोगों ने त्योहार नहीं मनाया। इन लोगों ने न चर्च को सजाया और न ही प्रार्थना की। इन लोगों का यही कहना था कि जब वह ईसाई धर्म को छोड़ चुके हैं तो उनका क्रिसमस से क्या मतलब है। वैसे सुबह से ही यहां पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया था। माना जा रहा था कि कुछ बाहरी लोग क्रिसमस पर चर्च में आ सकते  हैं लेकिन शाम तक किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा भी चर्च में आने की जानकारी नहीं थी। चर्च में यीशू की तस्वीर जरूर लगी  थी।  

असरोई निवासी रामपाल ने बताया कि पहले हम लोग ही चर्च को सजा लेते थे और क्रिसमस का त्योहार मनाते थे, लेकिन अब हमारा ईसाई धर्म से कोई मतलब नहीं है। इसी वजह से न चर्च गए और न ही त्योहार मनाया।  

राजवती का कहना है कि जब तक ईसाई धर्म से जुड़े थे, तब तक तक यहां हर साल चर्च में क्रिसमस का त्योहार मनाते थे, लेकिन हिंदू धर्म अपनाने के बाद इस साल त्योहार नहीं मनाया है। वैसे भी अब ईसाई धर्म से कोई मतलब नहीं है।

नेत्रपाल ने कहा कि अब तक ईसाई धर्म से ही कोई मतलब नहीं है तो फिर क्रिसमस का क्या मतलब। चर्च में वैसे सुबह से कोई नहीं आया है। पुलिस जरूर आई है। चर्च की जो स्थिति पहले थी, वही है। कोई भी यहां आकर कुछ भी करे, हमारा कोई मतलब नहीं हैं।
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