बॉलीवुड के ‘दबंग’ खान को जानबूझकर बचाने के आरोपों पर राज्य की पुलिस को सफाई देनी पड़ी। 2002 के हिट एंड रन मामले में चार साल की देरी होने के मामले में पुलिस ने कोर्ट में एक शपथ पत्र पेश करते हुए इन आरोपों से इनकार किया है।
सामाजिक कार्यकर्ता संतोष डोंडकर द्वारा मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश की गई याचिका में कहा गया है कि पुलिस ने सलमान खान को बचाने के लिए जानबूझकर झूठे सुबूत पेश किए और मामले को लटकाए रखा। इस वजह से जांच प्रभावित हुई। बांद्रा मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट पुलिस के जवाब को रिकॉर्ड कर लिया है और मामले की सुनवाई 5 मार्च तक टाल दी है।
इस बीच सलमान खान के वकील दीपेश मेहता ने बताया कि कोर्ट ने उन्हें निजी तौर पर पेश न होने से छूट दे दी है। पुलिस ने तर्क दिया कि उन्होंने कोर्ट के सामने कोई भी झूठी जानकारी नहीं दी है। बांद्रा पुलिस स्टेशन के सीनियर इंस्पेक्टर ने कहा कि हमारी वजह से कोई देरी नहीं हुई।
पुलिस ने अपने शपथ पत्र में कहा कि कोर्ट द्वारा अस्पताल के डॉक्टरों को समन जारी करने के बाद पुलिस ने भी अस्पताल के संबंधित अधिकारियों को समन भेजा और ट्रायल के दौरान वह मौजूद रहे। पुलिस ने बताया कि 2006 में शुरू हुए इस ट्रायल में 25 जनवरी, 2011 तक 17 गवाहों से पूछताछ की जा चुकी है। इसमें डॉक्टर, प्रत्यक्षदर्शी और ट्रैफिक इंस्पेक्टर शामिल है। हालांकि जांच अधिकारी ने अभी तक अपनी रिपोर्ट नहीं सौंपी है।