हत्या के मुकदमे को आत्महत्या में तरमीम करने पर भड़के लोगों ने मंगलवार को प्रधान लिपिक का शव संभल में गवां-बबराला मार्ग स्थित केसरपुर तिराहे पर रखकर जाम लगा दिया। जाम खुलवाने पहुंची पुलिस ने लाठियां फटकार कर दो लोगों को हिरासत में ले लिया। इससे भीड़ भड़क गई और उसने पुलिस पर पथराव कर दिया और पुलिसकर्मियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। पेट्र्रोल पंप के केबिन में घुसकर रजपुरा एसओ और चौकी इंचार्ज समेत पुलिस कर्मियों ने अपनी जान बचाई। कई घंटे तक हंगामा होता रहा। बाद में अफसरों के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए।
गवां के हरि बाबा जनता इंटर कालेज में रविवार को प्रधान लिपिक ऋषिपाल का फांसी पर लटका शव मिला था। सुसाइड नोट भी मिला था। पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। मंगलवार को मुकदमा हत्या में तरमीम करने की सूचना पर ग्रामीण भड़क गए। पोस्टमार्टम के बाद सुबह आठ बजे गवां बबराला मार्ग पर केसरपुर तिराहे शव रखकर जाम लगा दिया। परिजनों का आरोप था कि पुलिस आरोपियों को बचा रही है। सूचना पर पहुंचे रजपुरा एसओ कश्मीर सिंह यादव ने लोगों को खदेड़ना शुरू कर दिया। दो लोगों को हिरासत में ले लिया। पुलिस की इस कार्रवाई लोग भड़क गए। पुलिस ने जबरन जाम खुलवाने की कोशिश की तो गुस्साए लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। चौकी इंचार्ज प्रदीप यादव व अन्य पुलिस कर्मियों से हाथापाई कर उनको दौड़ा लिया। थानाध्यक्ष कश्मीर सिंह यादव, गवां चौकी इंचार्ज प्रदीप यादव व अन्य पुलिसकर्मियों ने पेट्रोल पंप के केबिन में अपने को बंद कर लिया। ग्रामीणों ने केबिन घेर लिया।
इसके बाद गुन्नौर उप जिलाधिकारी रामअरज यादव ने मौके पर पहुंच कर ग्रामीणों से बातचीत की। इधर, जानकारी पर सीओ अभिषेक यादव समेत धनारी थानाध्यक्ष जितेंद्र सिंह यादव, गुन्नौर प्रभारी निरीक्षक राकेश बाबू यादव, नखासा थानाध्यक्ष राजवीर सिंह यादव व हयातनगर थानाध्यक्ष यशपाल सिंह पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए। शव को चौराहे से हटा लिया और जाम खोल दिया।
छह घंटे जाम रहा हसनपुर-बबराला मार्ग
गवां में बवाल के बाद हाईवे पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। संभल-गवां, हसनपुर, अनूपशहर, बबराला-रजपुरा मार्गों पर छोटे बड़े वाहनों की लंबी कतार लग गई। सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक जाम रहे हाईवे से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान कु छ वाहन बबराला-बहजोई मार्ग के लिए डायवर्ट हुए।
विस्थापितों-पुलिस में झड़प, एसडीएम सहित चार घायल
सोनभद्र में दुद्धी के अमवार गांव में कनहर सिंचाई परियोजना के मुआवजे की मांग को लेकर चल रहे धरने को समाप्त करवाने पहुंचे प्रशासनिक एवं पुलिस अमले की मंगलवार की शाम आंदोलित विस्थापितों से झड़प हो गई। इसमें एसडीएम अभय कुमार पांडेय, नायब तहसीलदार जितेंद्र कुमार, सीओ देवेश शर्मा, विंढमगंज थाने के हेड कांस्टेबल पारसनाथ घायल हो गए। सभी को दुद्धी सीएचसी पहुंचाया गया। उधर, हालात को काबू करने के लिए दुद्धी कोतवाल कपिलदेव यादव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिस और पीएसी के जवान तैनात कर दिए गए। डीएम डीके सिंह और एसपी शिवशंकर यादव ने दुद्धी पहुंच घायलों का हाल जाना और उपद्रवियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
अमवार में कनहर नदी पर सिंचाई बांध का निर्माण किया जा रहा है। मुआवजे के मसले को लेकर कुछ लोग काम रोकने की आवाज उठा रहे हैं। इसको लेकर मंगलवार को बांध निर्माण स्थल पर धरना दिया जा रहा था। देर शाम छह बजे एसडीएम और सीओ पुलिस फोर्स के साथ धरना समाप्त कराने पहुंचे थे। बताया जाता है कि धरना समाप्त करने को लेकर बहुत हद तक सहमति भी बन गई थी, तभी कुछ लोग पहुंचे और इसका विरोध करने लगे। इसी बात को लेकर लेकर विवाद हो गया और विस्थापितों एवं पुलिस के बीच झड़प की स्थिति बन गई। इसी बीच विस्थापितों के जत्थे ने पत्थरबाजी करने के साथ लाठी-डंडे से हमला बोल दिया।
इसमें एसडीएम, सीओ, नायब तहसीलदार, हेड कांस्टेबल घायल हो गए। सभी को दुद्धी सीएचसी ले जाया गया। हालात को नियंत्रित रखने के लिए दुद्धी, बभनी, म्योरपुर, विंढमगंज, हाथीनाला थाने की फोर्स पीएसी बल के साथ रवाना कर दी गई। रात साढ़े नौ बजे डीएम डीके सिंह और एसपी शिवशंकर यादव ने दुद्धी पहुंचकर घायलों का हाल जाना और घटना के बारे में जानकारी ली। कहा कि कुछ लोग निजी स्वार्थवश कनहर सिंचाई परियोजना के निर्माण में अड़ंगा लगाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे ही लोग विस्थापितों को उकसाकर बवाल भी करवा रहे हैं। ऐसे सभी लोगों को चिह्नित कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।