दिल्ली में हुए गैंगरेप में इस्तेमाल हुई बस के मालिक को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। वह वारदात के बाद से ही फरार था।
गौरतलब है कि पुलिस ने कल बस मालिक दिनेश यादव के खिलाफ फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था। दिनेश यादव राजधानी में यादव ट्रवेल्स नाम से अपनी बस सर्विस चलाता है।
उसके खिलाफ आरोप है कि उसने राजधानी में फर्जी पतों पर 10 बसों का रजिस्ट्रेशन करा रखा है। ये चार्टर्ड बसें थीं, इसके बावजूद वह उन्हें सड़क पर दौड़ाता था। उसकी बसों का कइ बार चालान हुआ था।
16 दिसंबर की रात वारदात में इस्तेमाल हुई बस का 8 बार चालान हुआ था और ये 6 बार इंपाउंड हो चुकी थी। लेकिन दिनेश और रामसिंह हर बार मामूली जुर्माना भर कर बस छुड़ाने में कामयाब रहे।
दिनेश यादव की बसें जिस रूट पर चलती थीं, उसेके गुंडे उस रूट पर डीटीसी को बसें नहीं चलने देते थे। डीटीसी ने इसकी शिकयत ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी से भी की थी लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। वारदात के बाद परिवहन विभाग ने उसकी बसों का परमिट रद्द कर दिया है।