बहुचर्चित आकाश टैबलेट का भविष्य अब प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) तय करेगा।
इसके लिए पीएमओ ने मानव संसाधन मंत्रालय से आकाश-4 के प्रस्तावित फीचर तथा अभी तक खरीदे जा चुके आकाश दो के फील्ड में प्रयोग पर आधारित रिपोर्ट तलब की है। यह रिपोर्ट दो दिन पहले ही मंत्रालय को आईआईटी मद्रास और आईआईटी बांबे से प्राप्त हुई है।
आकाश टैबलेट की योजना मानव संसाधन मंत्रालय ने आरंभ की थी। इसे न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया ने नोटिस में लिया। मगर विवादों के चलते यह योजना बीच में ही लटक गई।
मानव संसाधन मंत्री के पद से कपिल सिब्बल के हटने के बाद इस योजना को आगे बढ़ाने में मंत्रालय के रुचि नहीं लेने से भी आकाश टैबलेट योजना पर कोई फैसला नहीं हो सका।
आकाश के आधुनिक रूप में विकास का दायित्व आईआईटी मद्रास तथा सूचना तकनीकी मंत्रालय मिलकर कर रहे थे। जबकि इसकी शुरुआती खरीद सीधे मानव संसाधन मंत्रालय को करनी थी।
मानव संसाधन मंत्रालय के आकाश टैबलेट में रुचि नहीं लेने पर यह मामला पीएमओ तक पहुंच गया। पीएमओ अब दोनों मंत्रालयों के अफसरों से बातचीत करके आकाश पर अगली नीति तय करने के लिए कार्य कर रहा है।
इसी क्रम में पीएमओ ने अभी तक खरीदे गये आकाश टैबलेट की फील्ड रिपोर्ट तथा भविष्य में बनने वाले आकाश-4 के संबंध में रिपोर्ट मांगी है।
इस मामले को प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पुलक चटर्जी सीधे देख रहे हैं। उम्मीद है कि इस रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही आकाश के उत्पादन, खरीद तथा छात्रों को सस्ती दर पर उपलब्ध कराये जाने की नीति तय हो जाएगी।