प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ‘परमाणु क्षेत्र’ में सहयोग की प्रतिबद्धता जताते हुए कुडनकुलम बिजली परियोजना में दो और परमाणु इकाइयां लगाने के रास्ते में आड़े आ रहे ‘जवाबदेही मुद्दे’ को जल्द से जल्द हल करने का निर्देश अधिकारियों को दिया।
मनमोहन और पुतिन के बीच यहां सोमवार को व्यापक वार्ता हुई। सामरिक साझेदारी के क्षेत्र में रक्षा क्षेत्र को अहम मानते हुए दोनों नेताओं ने रॉकेट, मिसाइल, नौसेना प्रौद्योगिकी और हथियार प्रणाली के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने का फैसला लिया।
दोनों नेताओं के बीच यह 14वीं वार्षिक बैठक थी। इस बैठक में आतंकवाद से निपटने के लिए सहयोग बढ़ाने पर भई चर्चा हुई।
पीएम मनमोहन सिंह ने कहा कि हमने वर्ष 2010 में राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा के दौरान किए गए असैन्य परमाणु सहयोग समझौते के रोडमैप के क्रियान्वयन के बारे में अपनी प्रतिबद्धता से उन्हें अवगत करा दिया है।