विपक्ष ओर से खुद पर लग रहे सत्तावादी होने के आरोपों पर पीएम नरेंद्र मोदी ने मौन तोड़ा है। मशहूर टाइम मैगजीन को दिए लंबे इंटरव्यू में मोदी ने साफ किया कि वह तानाशाही में भरोसा नहीं करते। मोदी ने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और लोकतंत्र हमारे डीएनए में है।
अगर मुझे लोकतांत्रिक मूल्य, समृद्धि, सत्ता और शोहरत में से किसी एक को चुनना पड़े तो मैं बिना किसी हिचकिचाहट के लोकतांत्रिक मूल्य को चुनूंगा। मोदी ने कहा, ‘अगर आप मुझसे पूछे कि भारत को चलाने के लिए तानाशाही की जरूरत है या नहीं तो मेरा जवाब ना होगा।’ टाइम ने मोदी से पूछा था कि क्या भारत को चलाने के लिए चीन जैसे शासन की जरूरत है।
हालांकि मोदी के इस जवाब को घरेलू राजनीति में उनपर लग रहे तानाशाही के आरोपों से जोड़कर भी देखा जा सकता है। विपक्ष लंबे समय से उनपर तानाशाही रुख अपनाने का आरोप लगाता रहा है। टाइम को दिए अपने लंबे साक्षात्कार में पीएम ने कई मसलों पर बेबाक राय रखी।