गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर परिकर को अचानक रक्षा मंत्रालय जैसा अहम पद दिए जाने का लगभग तय फैसला अनायास नहीं है। दरअसल पीएम नरेंद्र मोदी राजनीति का बेदाग चेहरा माने जाने वाले परिकर के जरिये यूपीए सरकार की तर्ज पर ही एंटनी दांव आजमाना चाहते हैं।
यूपीए सरकार ने भी रक्षा सौदे में गड़बड़ी संबंधी आरोपों से सरकार की छवि को पाक-साफ बनाए रखने के लिए राजनीति के बेदाग चेहरे को लगातार सात साल तक रक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी दी थी।
एंटनी की साफ छवि के कारण उनके कार्यकाल में हुए आधा दर्जन से अधिक घोटालों और बड़े विवादों के बावजूद विपक्ष उन पर सीधा हमला नहीं बोल पाया था। एंटनी के कार्यकाल के दौरान अगस्तावेस्ट लैंड, टाट्रा ट्रक खरीद, हल्के हेलीकॉप्टर खरीद घोटाले जैसे कई मामले सामने आए थे।