महंगाई और सूखे के संकट से निपटने में जुटी केंद्र सरकार ने कृषि उत्पादक राज्यों को खासतौर पर अलर्ट किया है। महंगाई रोकने के उपायों की निगरानी सीधे प्रधानमंत्री स्तर से की जा रही है।
बुधवार को भी नरेंद्र मोदी ने कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह, खाद्य मंत्री रामविलास पासवान, रसायन एवं उर्वरक मंत्री अनंत कुमार और जल संसाधन मंत्री उमा भारती के साथ लंबी मंत्रणा की। इस दौरान खासतौर पर दूध, अंडा, मांस व मछली की आपूर्ति व मांग की स्थिति की समीक्षा की गई।
कृषि मंत्रालय से जुड़े सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री के साथ हुई बैठक में डेयरी व पशुपालन विभाग के अलावा उर्वरक मंत्रालय ने भी सूखे के मद्देनजर अपनी तैयारियों का लेखाजोखा पेश किया।
दूध की कीमतें बढ़ने से महंगाई बढ़ी
प्रधानमंत्री ने डेयरी व पशुपालन विभाग को दूध की आपूर्ति सुनिश्चित कराने और इसके दाम काबू में रखने के उपाय करने को कहा है। मई में थोक महंगाई की आग भड़कने के पीछे दूध और अंडा, मांस व मछली की बढ़ी कीमतें बड़ी वजह रही हैं।
कृषि मंत्रालय ने राज्यों के साथ मिलकर कमजोर मानसून का मुकाबला करने की तैयारी तेज कर दी है। मंत्रालय का सबसे ज्यादा जोर उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात के 200 जिलों पर हैं, जहां सूखे की मार सबसे ज्यादा पड़ सकती है। इन राज्यों से एक्शन प्लान भेजने का कहा गया है।
पीएम ने दिया ऑर्गेनिक खेती का मंत्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह को ऑर्गेनिक खेती का मंत्र दिया है। मंत्रालय के प्रजेंटेशन के दौरान मोदी ने देश भर में कलस्टरों (इलाकों) की पहचान कर ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने की योजना तैयार करने को कहा है। इसके अलावा मत्स्य पालन के बारे में भी पीएम ने कई सुझाव दिए हैं।
मीटिंग में हुई इन कदमों पर चर्चा
- दूध, अंडा, मांस और मछली की कीमत थामने पर खास जोर
- पशुओं की संख्या बढ़ाने के लिए कृत्रिम वीर्यारोपण की जरूरत
- चारे की कमी को दूर करने के लिए बीज वितरित करने पर जोर
- मिट्टी के पोषक तत्वों की मांग-आपूर्ति, सब्सिडी के बोझ और कीमत पर चर्चा