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मोदी ने राहुल को दिलाई पापा, दादी और परनाना की याद

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बजट सत्र में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया। इस दौरान मोदी का अंदाज कुछ अलग नजर आया।
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अलग इसलिए क्योंकि उन्होंने इस दौरान विपक्ष के हंगामे की आशंका के मद्देनजर कांग्रेस के प्रधानमंत्रियों को ही अपनी ढाल बनाई।

उन्होंने अपनी बात रखने के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी का जिक्र किया। इन तीनों ही पूर्व प्रधानमंत्रियों की बातें सदन में बोलकर प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष को शांत कराया।

मोदी ने किया राजीव गांधी का जिक्र

प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति के भाषण में कही गई बातों का जिक्र करते हुए कहा कि जब संसद नहीं चलती तो इसमें सरकार का कम और जनता का नुकसान ज्यादा होता है। इसमें भी ज्यादा विपक्ष के सांसदों का नुकसान होता है।

संसद ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां तीखे सवाल किए जाते हैं, जहां सरकार को अपना बचाव करना होता है, अपने पक्ष में सफाई देनी होती है। बहस के दौरान किसी को बख्शा नहीं जाता है और उसकी उम्मीद भी नहीं की जानी चाहिए, लेकिन बहस के दौरान अगर सदन की गरिमा और मर्यादा बनी रहे तो हम अपनी बात और मजबूती से रख पाएंगे और साथ ही साख भी बना पाएंगे। ये उपदेश नरेंद्र मोदी का नहीं है ये बातें पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने कही थी।

नेहरू के कथन से विपक्ष को मनाने की कवायद

सदन चलाने के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की बात का भी जिक्र किया।

मोदी ने बताया कि संसद भारत की संवैधानिक संस्था है। यहां हम भारत पर शासन की बड़ी जिम्मेदारी लेकर आए हैं, निश्चित रूप से इस संवैधानिक संस्था का सदस्य होने से बड़ी जिम्मेदारी और बढ़िया सौभाग्य कुछ भी नहीं हो सकता क्योंकि यह इस देश की विशाल जनसंख्या की नियति के लिए जिम्मेदार है ये सदन। हम में से सभी को अगर हमेशा नहीं तो जीवन में कभी न कभी जिम्मेदारी का बड़ा एहसास जरूर हुआ होगा। जिस डेस्टिनी के लिए हमें बुलाया गया होगा उसे हमने महसूस किया होगा कि हम इस योग्य हैं या नहीं वह अलग मामला है।
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इंदिरा के भाषण का भी किया जिक्र

प्रधानमंत्री मोदी मेक इन इंडिया का जिक्र करते हुए कहते हैं कि जानें ऐसा क्यों है कि हम लोग अपने देश की इमेज ऐसे बनाते हैं जैसे हम लोग भीख का कटोरा लेकर निकले हों और जब हम खुद ऐसा कहते हैं तो दूसरे लोग यही और ज्यादा चीख करके कहते हैं और ज्यादा मजबूती से कहते हैं। ये बातें मैं नहीं कह रहा इंदिरा गांधी ने कही थी। ये भाषण 1974 में इंद्रप्रस्थ कॉलेज में इंदिरा गांधी जी ने कहा था।

हालांकि इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना भी साधा। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की उम्र तो बढ़ती है पर समझ नहीं बढ़ती। प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में बोलते हुए कांग्रेसी नेताओं और उनकी योजनाओं का हवाला देकर उन्हें घेरने की कोशिश की।
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