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पीएम मोदी ने लांच किया 'स्टार्टअप इंडिया' कैंपेन

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट 'स्टार्टअप इंडिया' कैंपेन को लॉन्च कर अपना बिजनेस शुरू करने का सपना देखने वालों के लिए तोहफा दिया है। पीएम मोदी ने शनिवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 'स्टार्टअप इंडिया' की शुरूआत की।
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इस मौके पीएम मोदी ने कहा कि, हमारी सरकार स्टार्टअप को प्राथमिकता के साथ शुरू करने जा रही है और इसे कैंपेन को प्राथमिकता देंगे। उन्होंने कहा कि आप हमें यह बताइए कि सरकार को क्या नहीं करना चाहिए। कहा कि लोगों के पास हजारों नए-नए आइडिया होते हैं वे चाहे तो कमाल कर सकते हैं।

तकनीकी से जुड़की लोग अपनी बात कहीं भी पहुंचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि एप्लीकेशन के बहुत ज्यादा फायदे हैं। उदाहरण देकर उन्होंने बताया कि खुद

डनहोंने नरेंद्र मोदी एप का फायदा देखा है। पीएम ने कारोबार शुरू करने और कुछ नया करने का सपना देखने वाले लोगों से अपील की कि मेरे एप नरेंद्र मोदी से जुड़िये वे उस एप के जरिए सपुलता की कहानियां बताउंगा।
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कहा कि किसी भी काम के लिए एक शुरूआत की जरूरत होती है। मोदी ने कहा कि कुछ करने के लिए पैसे मायने नहीं रखते बल्कि रिस्क लेना जरूरी होता है।

मोदी ने कहा कि हमको ई-कॉमर्स के क्षेत्र में दो कदम और आगे बढ़ना है।इस स्टार्टअप इंडिया के जरिए हमारी कोशिश देश के युवाओं को जॉब सीकर से जॉब क्रिएटर बनाना है।

ये है मोदी का स्टार्टअप एक्शन प्लान

- छोटे फॉर्म के जरिए ई-रजिस्ट्रेशन
- पेटेंट फीस में 80 फीसदी कटौती
- स्टार्टअप के लिए वेब पोर्टल और मोबाइल एप
- सेल्फ सर्टिफिकेट आधारित कमप्लायंस की व्यवस्था
- तीन साल तक कोई इंस्पेक्शन नहीं
- स्टार्टअप के लिए एग्जि‍ट की भी व्यवस्था होगी
- इंटेलेक्चुअल प्रोपर्टी के लिए कानूनी मदद

खत्म किया जाएगा लाइसेंस राज: जेटली

सरकार ने कहा है कि स्टार्टअप की सहूलियत केलिए लाइसेंस राज खत्म किया जाएगा और वह सिर्फ सुविधा उपलब्ध कराने वाले की भूमिका निभाएगी। साथ ही संकेत दिया है कि अगले आम बजट में एक अनुकूल कर प्रणाली (दीर्घावधि का पूंजीगत लाभ कर घटाने) की भी घोषणा की जाएगी जिससे देश में स्टार्टअप स्थापित करने वालों को प्रोत्साहन मिलेगा।

केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शनिवार को स्टार्टअप इंडिया सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में बताया कि वित्त मंत्रालय उद्यमियों के अनुकूल कर प्रणाली पर काम शुरू कर चुका है। कुछ ऐसे कदम हैं, जिसे अधिसूचना के जरिये कार्यरूप दिया जा सकता है। अन्य के लिए विधायी प्रावधानों की जरूरत है जो सिर्फ वित्त विधेयक के अंग के तौर पर भी आ सकता है।

उन्होंने बताया कि जब बजट पेश किया जाएगा, तब कुछ ऐसी घोषणाएं भी की जाएंगी जिससे स्टार्टअप इकाइयों के अनुकूल कर प्रणाली तैयार की जा सके।

उन्होंने स्टार्टअप इकाइयों को आश्वस्त किया कि बैंकिंग प्रणाली और सरकार उनके लिए संसाधन उपलब्ध कराएंगे। स्टार्टअप इकाइयों के प्रोत्साहन की जरूरत को पहचानते हुए पिछले साल भी बजट में एक कोष का सुझाव दिया गया था।
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अनुसूचित जाति, जनजाति और महिलाओं को कर्ज देकर प्रोत्साहित करेंगे

अब सरकार स्टैंड अप इंडिया की योजना अलग से पेश करेगी। इसके तहत बैंक अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला उद्यमियों को कर्ज देंगे। समाज केइन वर्गों में अभी भी या तो उद्यमियों की कमी है या संसाधन नहीं मिल रहे हैं, जिससे इनमें से उद्यमी सामने नहीं आ रहे हैं।

वित्त मंत्री ने भरोसा दिलाते हुए कहा कि बैंक चाहे सरकारी हो या निजी क्षेत्र का, उनकी शाखाएं इन वर्ग की कम से कम एक महिला को स्टार्ट अप लोन जरूर देगी।

उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिलाओं को कर्ज देने से अगले दो साल में तीन लाख से अधिक नए उद्यमी तैयार होंगे। जब एक बार शुरुआत हो जाएगी तो फिर इसे आगे बढ़ाने में देर नहीं लगेगी।
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