प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने निष्पक्ष और स्वतंत्र मीडिया को लोकतंत्र का जरुरी स्तंभ बताते हुए उसे सनसनी फैलाने से बचने का खुद रास्ता निकालने की सलाह दी है।
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर मीडिया के सदस्यों से कहा कि एक देश के रूप में हम मीडिया की पूर्ण स्वतंत्रता में विश्वास करते हैं। यह सच है कि कभी-कभी गैर जिम्मेदाराना पत्रकारिता सामाजिक तानेबाने और कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर परिस्थितियां पैदा करती हैं, जबकि प्रशासन पर कानून व्यवस्था बनाये रखने का दायित्व होता है लेकिन सेंशरशिप उसका जवाब नहीं हो सकता।
उन्होंने कहा कि यह मीडिया पर है कि वह वस्तुनिष्ठता को बढा़वा देने और सनसनी फैलाने पर अंकुश लगाने के बारे में सामूहिक रूप से प्रयास करे। मीडिया को इस बात पर आत्मावलोकन करना चाहिए कि वह किस तरह खुद को आगे बढाने के साथ देश की बेहतर सेवा कर सकती है।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के समय से ही मीडिया सामाजिक परिवर्तन, लोगों को उनके अधिकारों की जानकारी देने और जागरुकता फैलाकर राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में योगदान देता रहा है।