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डिनर डिप्लोमेसीः पीएम ने भाजपा को दावत पर बुलाया

Sat, 17 Nov 2012 11:48 AM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
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रिटेल में एफडीआई सहित अन्य मुद्दों पर जारी गतिरोध खत्म करने के लिए यूपीए सरकार ने मुख्य विपक्षी दल भाजपा के साथ सुलह की पहल की है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शनिवार को डिनर (रात्रिभोज) पर भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं को बुलाया है।
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राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि सरकार रिटेल में एफडीआई पर बहस को तैयार है हालांकि वह इस मुद्दे पर वोटिंग को राजी नहीं है। इस मौके पर सरकार अपनी मंशा से विपक्ष को अवगत करा देगी। डिनर में भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज और राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरूण जेटली के शामिल होने की संभावना है।

वहीं शीतकालीन सत्र में विपक्ष रिटेल में एफडीआई, महंगाई, सब्सिडी गैस सिलेंडर जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। शुक्रवार को प्रधानमंत्री ने घटक दलों नेताओं की बैठक बुलाई थी। द्रमुक सहित अन्य सहयोगी दलों का मानना है कि सरकार को संसद में मतदान से बचना चाहिए। सरकार भी नियम-193 के तहत नोटिस मानने को तैयार है जिसमें वोटिंग नहीं होती।
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इससे पहले दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा कि किसी भी दल को अविश्वास प्रस्ताव लाने का अधिकार है और यदि ऐसा प्रस्ताव सामने आता है तो सरकार उसका सामना करने के लिए तैयार है। दरअसल, सपा और बसपा से मिल रहे सकारात्मक संकेतों के चलते सरकार को तृणमूल कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव से ज्यादा खतरा नहीं लग रहा है।

सरकार यह भी मानकर चल रही है कि लेफ्ट पार्टियां किसी भी सूरत में ममता के प्रस्ताव के साथ खड़ी नहीं होंगी। इसके अलावा ज्यादातर सांसद कभी भी समय से पहले चुनाव के पक्ष में नहीं रहते हैं। इसलिए सरकार ममता के अविश्वास प्रस्ताव को लेकर ज्यादा परेशान नहीं दिख रही है।
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