सरकारी कंपनी हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड में सरकार की हिस्सेदारी वेदांता समूह को बेचने के 12 साल बाद सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर इस सौदे को निरस्त करने का अनुरोध किया गया है।
पिछली एनडीए सरकार के समय यह सौदा हुआ था। जस्टिस विक्र मजीत सेन और शिवकीर्ति सिंह की बेंच के समक्ष याचिकाकर्ता वकील मनोहर लाल शर्मा ने इस मामले का उल्लेख किया, लेकिन अदालत ने इस पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया।