बैंकांक से दिल्ली आ रहे एयर इंडिया के विमान में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां पायलटों ने 33 हजार फीट की ऊंचाई पर प्लेन अपनी दो साथी एयर होस्टेस को उड़ाने को दे दिया और खुद 40 मिनट के लिए कॉकपिट से बाहर चले गए।
दोंनो एयर होस्टेस ने आटो पायलट मोड को ऑफ कर दिया, जिससे प्लेन में सवार 166 यात्रियों की जान खतरे में पड़ गई। हालांकि इतने में दोनों पायलट कॉकपिट में लौट आए, और बड़ा हादसा टल गया।
एयर इंडिया प्रबंधन ने पायलट और दोंनो एयर होस्टेस को निलंबित कर दिया है और मामले की जांच की जा रही है
घटना 12 अप्रैल की है, जब एयर इंडिया की फ्लाइट नंबर 333 ने सुबह 8.55 पर बैंकाक से उड़ान भरी थी। इसे दिल्ली आना था और इस प्लेन में 166 यात्री सवार थे।
उड़ान भरने के करीब 30 मिनट बाद यह प्लेन 33 हजार फीट पर पहुंच गया। इसके बाद पायलट रवींद्र नाथ ने टायलेट जाने की बात कहकर एयर होस्टेस जे. भट्ट को अपनी सीट पर बिठा दिया।
एयर सेफ्टी नियमों के मुताबिक अगर कोई पायलट किसी वजह से अपनी सीट से हटता है तो उसे फौरन को पायलट को सूचित करना चाहिए ताकि वह जरूरत पड़ने पर स्थिति को संभाल सके।
इस मामले में जो हुआ उसने तो सुरक्षा नियमों की धज्जियां उड़ा दीं। दूसरे पायलट कैप्टन बीके सोनी ने भी अपनी सीट पर एक अन्य एयर होस्टेस कनिका काला को बिठा दिया। वह तुरंत कॉकपिट छोड़कर बाहर नहीं निकले।
थोड़ी देर तक बीके सोनी दोनों एयर होस्टेस को विमान कैसे उड़ाना चाहिए यह सिखाते रहे। इसके बाद वह भी प्लेन को आटोमैटिक मोड़ पर छोड़कर कॉकपिट से बाहर निकल गए।
इस दौरान करीब 40 मिनट तक दोनों पायलट बिजनेस क्लास में जाकर आराम फरमाते रहे।
जब विमान के आटो मोड़ में कुछ रुकावट आई तो दोनों पायलट कॉकपिट में लौटे, वर्ना शायद उतनी जल्दी उनका लौटने का कोई इरादा नहीं था।
एयर होस्टेस कनिका काला ने प्लेन का आटो पायलट मोड़ ऑफ कर दिया था। विमान के दिल्ली लैंड करने के बाद केबिन क्रू के एक सीनियर मेंबर ने इसकी शिकायत मैनेजमेंट से की।
इस मामले में चारों को निलंबित कर दिया है और मामले की जांच की जा रही है।