पूर्व मुख्यमंत्री मायावती उनके पिता और भाई के खिलाफ जनहित याचिका दाखिल की गई है। याचिका में आरोप है कि मायावती ने अपने गांव में स्थित कृषि भूमि को राजस्व अधिकारियों से सांठगांठ कर आबादी की भूमि घोषित करवा लिया और उस पर एक बड़ा बंगला बनवाया है।
याचिका में कृषि भूमि को आबादी की जमीन घोषित करने के आदेश को रद्द करने की मांग की गई है। इस पर मुख्य न्यायमूर्ति डॉ. डीवाई चंद्रचूड और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खंडपीठ सुनवाई कर रही है। कोर्ट ने प्रदेश सरकार से इस मामले में 19 नवंबर तक जवाब मांगा है।
याचिका वीरेंद्र सिंह और अन्य लोगों ने दाखिल की है। आरोप है कि मायावती ने नोएडा स्थित अपने पैतृक गांव बादलपुर में कृषि भूमि को तत्कालीन एसडीएम दादरी घनश्याम दास और तहसीलदार कन्हई सिंह यादव से मिलकर आबादी की जमीन घोषित करा लिया।