रिलायंस इंडस्ट्री के चेयरमैन मुकेश अंबानी को दी गई जेड श्रेणी की सीआरपीएफ सुरक्षा के खिलाफ बांबे हाई कोर्ट में दो सामाजिक कार्यकर्ताओं ने याचिका दायर की है।
मुख्य न्यायाधीश मोहित शाह और न्यायाधीश एमएस संकलेक्षा की पीठ ने याचिका पर सुनवाई एक अगस्त को तय की है।
वीआईपी सुरक्षा पर सीआरपीएफ ने उठाए सवाल
नितिन देशपांडे और विक्रांत कर्णिक ने 21 अप्रैल के केंद्र सरकार के उस आदेश को निरस्त करने की मांग की है जिसमें सरकार ने अंबानी को ऐसी उच्च स्तर की सुरक्षा की अनुमति दी।
मुकेश अंबानी के घर में खुलेगी पुलिस चौकी
आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन की तरफ से अंबानी को लेकर एक धमकी भरा पत्र आया था। अंबानी के कार्यालय ने इस तरह की धमकी के बारे में मुंबई पुलिस को सूचित किया। जिसके बाद सरकार ने अंबानी को सुरक्षा की मंजूरी दी।
मुकेश अंबानी भी प्रधानमंत्री की दौड़ में!
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने याचिका में कहा है कि सीआरपीएफ का गठन आपातकालीन स्थिति को नियंत्रित करने के लिए किया गया है। उसका हर दिन की कानून व्यवस्था से कोई सरोकार नहीं है। अंबानी को दी गई सुरक्षा सीआरपीएफ के नियमों का उल्लंघन है।