आईगेट ने फणीश मूर्ति को चीफ एग्जिक्यूटिव पद से बर्खास्त करने के बाद अब कंपनी बोर्ड से भी हटा दिया है। यह फैसला 7 जून से प्रभावी माना जाएगा।
आईटी आउटसोर्सिंग कंपनी आईगेट की यौन शोषण के आरोपों की जांच में इस बात का खुलासा हुआ था कि उन्होंने अपनी एक सहयोगी से यौन संबंध बनाए और इस बात का खुलासा नहीं किया गया।
इंडस्ट्री के बेहतरीन एग्जिक्यूटिव में शुमार किए जाने वाले मूर्ति इससे पहले भी इस तरह के एक मामले में फंस चुके हैं। 2002 में उन्हें देश की दूसरी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर सर्विसेज एक्सपोर्टर इंफोसिस लिमिटेड से जाना पड़ा था।
मूर्ति उस वक्त इंफोसिस के चमकते सितारे थे और कई लोगों का मानना था कि वह पहले गैर-संस्थापक चीफ एग्जिक्यूटिव बन सकते हैं। लेकिन यौन शोषण के मुकदमे ने कंपनी में उनका करियर अचानक खत्म कर दिया।
इंफोसिस छोड़ने के बाद मूर्ति ने एक नई कंपनी बनाई, जिसे बाद में आईगेट ने खरीदा। मूर्ति 2003 में आईगेट से जुड़े थे और तब से अब तक इसके शेयर और रेवन्यू बढ़कर चार गुना हो चुके हैं।