पेट्रोलियम मंत्री एम. वीरप्पा मोइली ने कहा है कि पेट्रोल की कीमतों में जल्दी कुछ कमी हो सकती है।
उन्होंने शुक्रवार को यहां ईंधन बचाओ अभियान की शुरुआत करने के दौरान संवाददाताओं से बातचीत में इसके संकेत दिए। पेट्रोल की कीमतों में अगर कमी होती है तो पिछले पांच महीने में यह पहली कटौती होगी।
पेट्रोल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार की कीमतों के आधार पर हर पखवाड़े इसके दाम तय करती हैं। उम्मीद है कि इस महीने के अंत में कीमतों पर कोई फैसला लिया जा सकता है।
यह पूछने पर कि क्या तेल मार्केटिंग कंपनियां सोमवार को पेट्रोल की कीमतों की कटौती पर कोई फैसला करेगी, मोइली ने कहा कि उम्मीद तो ऐसी ही है।
उन्होंने कहा कि पेट्रोल के दाम पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है। तेल कंपनियां ही इस पर फैसला लेती हैं।
कंपनियां अगर पेट्रोल के दाम घटाती हैं तो एक मई के बाद यह पहली कटौती होगी। एक मई को कंपनियों ने पेट्रोल के दाम में तीन रुपये प्रति लीटर की कमी की थी।
जो पिछले पांच वर्षों में एक बार में कीमतों में सबसे अधिक गिरावट थी। हालांकि इसके बाद से कंपनियों ने पेट्रोल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी की और कुल मिलाकर वैट को छोड़ कर 10.80 रुपये प्रति लीटर दाम बढ़ाए।