लैगिंग पहनने वाली औरतों को चरित्रहीन कहने वाली तमिल पत्रिका कुमुदन रिर्पोर्टर के खिलाफ बवाल बढ़ गया है। एक तकफ एक महिला पत्रकार ने इसके खिलाफ ऑनलाइन अभियान भी चलाया है तो दूसरी तरफ फेसबुक पर लोग इस मैगजीन को अजब गजब सलाह दे रहे हैं।
दरअसल तमिल पत्रिका 'कुमुदन रिर्पोर्टर' ने पिछले दिनों लैंगिंग पहनने वाली औरतों को लेकर कवर स्टोरी की थी जिसमें लैगिंग पहने वाली औरतों को इम्मोरल यानी चरित्रहीन कहा गया था।
पत्रिका ने कहा था कि महिलाएं टाइट लैगिंग पहनकर सभ्यता से दूर होती रही हैं। कसी हुई लैगिंग पहनकर सड़क पर चलना, दुपहिया वाहनों पर दो तरफ पैर करके सवारी करने को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इस लेख में कहा गया था कि ये सब अनैतिक है।
पुरुष छेड़छाड़ रोक नहीं सकते, महिलाएं ही बदल जाएं
कवर स्टोरी में एक अनाम पुरुष पत्रकार ने एक कविता भी लिख डाली है जिसमें कहा गया है कि चूंकि पुरुष औरतों को घूरना और छेड़ना बंद नहीं कर सकते इसलिए बेहतर है कि औरतें ही सुधर जाएं।
स्टोरी में लिखा गया है कि इस तरह के उत्तेजक कपड़े पहन कर औरतें पुरुषों को आमंत्रित करती हैं और फिर शिकायत करती है। लेख में यह भी कहा गया है कि वो औरतों का अपमान नहीं कर रहे बल्कि लोगों को बता रहे हैं कि उनकी मां और बहन के बारे में दूसरे मर्द क्या क्या सोचते हैं।
लुंगी वालों मर्दों के क्यों नहीं खींचते फोटो
इस कवर स्टोरी के आते ही इसकी रीडरशिप तो बढ़ी है लेकिन सोशल मीडिया पर बवाल मच गया है। चेन्नई की पत्रकार पिंकी राजपुरोहित ने अपनी फेसबुक वॉल पर लिखा है - कुमुदन का हालिया एडिशन बेहूदा और बेहद आपत्तिजनक है। यह पत्रकारिता के पतन का संकेत है...शर्मनाक।
एक अन्य पत्रकार ने फेसबुक वॉल पर लिखा है कि सनसनी बिखेरने के लिए मैगजीन किस हद तक जा सकती है, ये लेख उसका प्रमाण है। एक अन्य पत्रकार ने ट्वीट किया है कि मैगजीन जांघों तक लुंगी उठाए घूम रहे मर्दों की फोटो खींच कर उन पर कवर स्टोरी क्यों नहीं करती।
महिला पत्रकार की मांग - माफी मांगे पत्रिका
युवा महिला पत्रकार कविता मुरलीधरन ने पत्रिका की इस कवर स्टोरी को महिलाओं के लिए अपमानजक बताते हुए कुमुदन से माफी मांगने को कहा है। कविता ने एक गैर सरकारी संगठन चेंज.ओआरजी के जरिए एक ऑनलाइन अभियान चलाया है जिस पर हजारों लोग जुड़ चुके हैं।
कविता का कहना है कि कुदुमन इस कवर स्टोरी के लिए महिला समाज से माफी मांगे और भविष्य में बिना अनुमित युवतियों की तस्वीरें न छापने का आश्वासन दे। इस अभियान के अलावा महिला पत्रकारों के एक समूह और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी एक साझा बयान जारी कर कुमुदम से माफी मांगने को कहा है।
पहले भी औरतों की बेइज्जती कर चुकी है मैगजीन
कुमुदन ने ऐसा पहली बार नहीं किया है। कुछ महीने पहले मैगजीन ने कवर पेज पर एक तंग कपड़े पहने महिला की फोटो लगाई थी और उस पर आपत्तिजनक बयान लिखा डाला था।
कुछ साल पहले मैगजीन ने फिल्म हीरोइनों को लेकर एक सीरीज की थी जिसमें हीरोइनों का अपमान किया गया था। काफी विरोध होने पर मैगजीन को ये सीरीज बीच में ही बंद करनी पड़ी और माफी भी मांगनी पड़ी।