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तो निलंबित हो सकते हैं पहलाज निहलानी?

Fri, 27 Nov 2015 04:25 PM IST
सुशांत एस मोहन/बीबीसी संवाददाता, मुंबई
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जनवरी 2015 से सेंसर बोर्ड अध्यक्ष के बतौर अपना कार्यकाल संभालने के बाद से ही फिल्म निर्माता पहलाज निहलानी विवादों में रहे हैं। सेंसर बोर्ड़ के निर्णयों को लेकर उनकी फिल्म जगत में काफी आलोचना हुई है और अब खबरें हैं कि सूचना और प्रसारण मंत्रालय उनको हटाने की फिराक में है।
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हालांकि बीबीसी से बातचीत में पहलाज ने इस आशंका से इनकार किया है। बीबीसी से बातचीत में उन्होंने कहा,"मुझे ऐसी कोई नोटिस नहीं मिली है न ही कोई गैर आधिकारिक सूचना। आप इन अफवाहों पर ध्यान न दें। अगर ऐसा कुछ हो रहा होगा तो मुझे पता तो चलेगा और मैं बता दूंगा।

सरकार के अधिकारियों ने एक अंग्रेजी अखबार को अपनी बात कही है कि वो पहलाज को नहीं हटाएंगे, अब आप देखिए कौन सही कह रहा है? मोदी काका को लेकर सरकार से न तो मुझे कोई फटकार मिली न कोई तारीफ। पहलाज निहलानी को लेकर जो विवाद रहे हैं उन पर एक नजर।
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प्रेम रतन धन पायो का विवाद

"पहलाज निहलानी से जुड़ा सबसे ताजा विवाद हॉलीवुड़ के मशहूर किरदार जेम्स बांड़ की नई नवेली फिल्म 'स्पेक्टर' से जुड़ा है।

इस फिल्म में दिखाए गए चुंबन दृश्यों को 50 प्रतिशत काट दिया गया था और बाद में पहलाज ने माना था कि उन्होंने बिना फिल्म देखे यह निर्णय लिया।

दूसरा विवाद था अभिनेता सलमान खान की फिल्म 'प्रेम रतन धन पायो' से जुड़ा। पहलाज निहलानी ने पारिवारिक और बॉलीवुड़ में साफ-सुथरी फिल्में बनाने के लिए मशहूर निर्माता निर्देशक सूरज बड़जात्या को भी इस फिल्म से 'रखैल' शब्द हटाने को कहा था और साथ ही फांसी लगाए जाने के एक दृश्य को हटाया गया था।
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और ये है सबसे बड़ा विवाद

तीसरा और सबसे बड़ा विवाद है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बनाई गई पहलाज की फिल्म 'मेरा देश है महान, मेरा देश है जवान'इस फिल्म को 'प्रेम रतन धन पायो' के साथ इंटरवल में अनिवार्य रुप से प्रदर्शित करने का आदेश पहलाज ने दिया था लेकिन फिल्म दिखाए जाने की सूचना प्रसारण मंत्रालय को नहीं थी।

इस फिल्म को लेकर सोशल मीड़िया पर सरकार की काफी खिंचाई हुई क्योंकि न सिर्फ फिल्म की प्रोड़क्शन क्वालिटी खराब थी अपितु फिल्म में विदेशों के दृश्य भारत की प्रगति के सूचक के तौर पर दिखाए गए थे।

कुछ मीडिया रिपोर्टों के अनुसार सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय इस फिल्म से हुई फजीहत के चलते पहलाज से खासा नाराज है और कई विवादों के साथ इस फिल्म की चोट पहलाज निहलानी के सेंसर बोर्ड अध्यक्ष के रोल को नुकसान पहुंचा सकती है।

इस मामले में सेंसर बोर्ड सदस्य अशोक पंड़ित का भी कहना था, ''इस तरह की कोई खबर मैंने अभी तक नहीं सुनी है और न ही ऐसी कोई बात ही किसी सूत्र से मुझ तक पहुंची है। पहलाज का निलंबन जैसा कोई मामला नहीं है। ''
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