सरकार द्वारा खाद्य सुरक्षा पर लाए गए अध्यादेश को देखते हुए देश में आम चुनाव जल्द कराए जाने की अटकलों को एनसीपी सुप्रीमो और केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने सिरे से खारिज कर दी।
उन्होंने मंगलवार को कहा कि यह सवाल तब तक नहीं उठना चाहिए, जब तक कि आम लोगों तक भोजन पहुंच नहीं जाता।
पवार ने भरोसा जताया कि अध्यादेश पांच अगस्त से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र में चर्चा के बाद पास हो जाएगा।
केंद्र के इस अध्यादेश के जरिये लागू खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम के तहत देश के 82 करोड़ लोगों को बतौर कानूनी हक हरेक महीने बेहद सस्ती दरों पर अनाज मुहैया कराया जाएगा।
दिल्ली समेत कांग्रेस शासित पांच राज्यों में इस योजना को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती (20 अगस्त) के मौके पर लागू किया जाना है।
यह पूछने पर कि इस अध्यादेश को लाने की जल्दबाजी की वजह कहीं जल्द आम चुनावों की घोषणा तो नहीं तो पवार ने कहा,‘ मैं ऐसा नहीं मानता। चुनाव तय समय पर होंगे।
जल्द चुनाव का सवाल तब तक खड़ा नहीं होता, जब तक कि आम लोगों तक भोजन पहुंच नहीं जाता।’ उन्होंने कहा कि केंद्र ने गरीबों को अध्यादेश के जरिये खाद्य सुरक्षा मुहैया कराने के लिए सोच-समझकर फैसला लिया है।