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भारत करेगा इंटरपोल से ब्लैक कॉर्नर नोटिस जारी करने की मांग

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पठानकोट हमले में मारे गए आतंकियों की पहचान के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एएनआई) इंटरपोल से मदद लेगी। इसके लिए एनआईए इंटरपोस से ब्लैक कॉर्नर नोटिस जारी करने का कहेगा। इस नोटिस के जरिए सरकार को यह पता चल पाएगा कि क्या ये आतंकी इससे पहले भी हमले में शामिल थे?
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अधिकारियों के मुताबिक मुढ़भेड़ में मारे गए चार आतंकियों की जानकारी इंटरपोल को भेजी जाएगी और इनके अन्य हमलों शामिल होने की संबंधो को खंघाला जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि इंटरपोल दुनिया का सबसे बड़ा पुलिस संगठन है और पठानकोट में हुए आतंकी हमले की जांच में वह एनआईए की मदद भी करेगा।

यह नोटिस सीबीआई के माध्यम से भारत में इंटरपोल की नोडल एजेंसी को जारी किया जाएगा। एनआईए ने मारे गए आतंकियों से जुड़ी हर छोटी से छोटी चीजों की जानकारी इकट्ठा कर ली है। इसमें दवाएं, पाकिस्तान में बने जूते और कई अन्य चीजें शामिल हैं।
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क्या है ब्लैक कॉर्नर नोटिस?

इंटरपोल एक अंतर्राष्ट्रीय पुलिस संगठऩ है जो दुनियाभर के अपराधियों से जुड़ी अहम जानकारियां इकट्ठा करता है। इसके अलावा यह कई तरह से नोटिस भी जारी करता है जिससे की अपराधियों के बारे में जानकारियां उपलब्ध कराई जाती है। उन्हीं में से एक है ब्लैक कॉर्नर नोटिस। यह नोटिस ऐसे अपराधियों या आतंकियों के लिए जारी किया जाता है जिसकी मौत हो चुकी होती है और उसकी शिनाख्त नहीं हो पाती।

भारत सरकार ने भी पठानकोट हमले में मारे गए आतंकियों के बारे में पता लगाने के लिए इंटरपोल से इसी ब्लैक कॉर्नर नोटिस को जारी करने की मांग करेगी। इसके तहत इस बात का आसानी से पता लगाया जा सकता है कि क्या इससे पहले भी ये आतंकवादी किसी आतंकी गतिविधि में शामिल थे।

इसके अलावा इन अपराधियों के फेस डिटेक्शन टेस्ट से भी इनके बारे में जानकारियां इकट्ठा की जाएंगी। गौरतलब है कि ने 1 जनवरी की रात को छह आतंकी पठानकोट स्थित वायुसेना बेस पर हमला कर दिया था। जवाबी कार्रवाई करते हुए सुरक्षा बलों ने सभी आतंकवादियों को मार गिराया था।
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