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'संत नहीं तो क्या सईद तय करेगा भारत का पीएम'

Mon, 04 Feb 2013 09:15 AM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
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नरेंद्र मोदी की प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी पर राजग में बयानबाजियों का सिलसिला तेज हो गया है। महाकुंभ में हो रहे संत सम्मेलन में मोदी के नाम का पीएम उम्मीदवार के रूप में ऐलान होने की अटकलों पर जद-यू नेता शिवानंद तिवारी ने कहा है कि यह हास्यास्पद है कि नागा साधु और संत पीएम पद का उम्मीदवार तय करेंगे।
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जद-यू की ओर से आए इस बयान पर भाजपा ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा है कि देश के पीएम पद के उम्मीदवार का नाम साधु-संत तय नहीं करेंगे तो क्या पाकिस्तानी आतंकी हाफिज सईद करेगा।

राजग घटक दलों की आपसी तकरार में कांग्रेस भी कूद पड़ी है। कांग्रेस ने कहा है कि भाजपा और जद-यू में बेवजह ही मोदी को लेकर रस्साकशी चल रही है। पार्टी प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ेगा। उनकी सरकार बनने की कहीं कोई संभावना नहीं है। ऐसे में राजग के घटक दल बेकार में पीएम पद की उम्मीदवारी पर झगड़ रहे हैं।
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वहीं, संभावना जताई जा रही है कि भाजपा में नरेंद्र मोदी को पार्टी की सर्वोच्च नीति निर्धारक समिति संसदीय बोर्ड में भी जगह मिल सकती है। भाजपा के नए अध्यक्ष राजनाथ सिंह मोदी को अपनी नई टीम में प्रमुख भूमिका दे सकते हैं।

मोदी को पीएम पद का उम्मीदवार बनाए जाने की मांग जोर पकड़ने के साथ ही भाजपा के संसदीय बोर्ड में मोदी को शामिल करने की संभावना प्रबल हो गई है। मोदी के अलावा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भी इसमें जगह मिल सकती है।

रविवार को भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि मोदी भाजपा में लोकप्रिय नेता हैं, लेकिन भाजपा में कोई नेता किसी पद पर के लिए दावा पेश नहीं करता। उन्होंने कहा कि पीएम पद के उम्मीदवार का निर्णय संसदीय बोर्ड की बैठक में लिया जाएगा।

उधर, मोदी के समर्थन में भाजपा के अंदर खुलकर आवाज बुलंद होने के चलते जद-यू में बेचैनी बढ़ गई है। रविवार को जद-यू की ओर से संकेत दिए गए कि भाजपा सबसे पहले अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान करे। पार्टी नेता शिवानंद तिवारी ने कहा कि भाजपा को इस मसले पर एनडीए की बैठक बुलानी चाहिए। ताकि इस मसले पर भ्रम की स्थिति पैदा न हो।
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