सोमवार से शुरू हुए संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन की कार्यवाही पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली देवड़ा के निधन के कारण स्थगित कर दी गई।
माना जा रहा है कि बीमा क्षेत्र में विदेशी निवेश की सीमा बढ़ाने के खिलाफ जहां सपा, बसपा, जदयू और वाम दल एक हो गए हैं, वहीं एकजुट विपक्ष ने काला धन, महंगाई और छत्तीसगढ़ में नसबंदी के दौरान हुई महिलाओं की मौत के मामले में सरकार को घेरने का फैसला किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में संसदीय कार्यमंत्री वेंकैया नायडू द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक से सपा और तृणमूल ने दूरी बरत कर तो कांग्रेस ने महज संसदीय दल के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे को भेज कर अपने कड़े तेवर दिखा दिए हैं। शीत सत्र में 24 नवंबर से 23 दिसंबर तक कुल 22 बैठकें होंगी। इनमें से चार दिन गैरसरकारी कामकाज के लिए रखे गए हैं।
सरकार शीत सत्र के दौरान अपने आर्थिक एजेंडे को बढ़ाने की रणनीति के तहत बीमा, वस्तु एवं सेवा कर, कोयला अध्यादेश और टेक्सटाइल राष्ट्रीयकरण विधेयक को कानूनी जामा पहनाना चाहती है।
बीमा बिल के खिलाफ एकजुट हुए पांच दल
सरकार ने आर्थिक एजेंडे से जुड़े विधेयकों के साथ करीब 39 विधेयकों को संसद में पेश और पारित कराने के लिए चिह्नित किया है। दरअसल विपक्ष ने सरकार की आर्थिक एजेंडे की गाड़ी को आगे बढ़ाने की योजना पर ही पलीता लगाने की रणनीति बनाई है।
आर्थिक सुधारों की रफ्तार थामने के लिए जहां सपा, बसपा, जदयू और वाम दल एकजुट हो गए हैं, वहीं अन्य मुद्दों पर कांग्रेस भी इन दलों के साथ खड़ा हो गई है।
तृणमूल कांग्रेस ने जहां सारदा चिट फंड घोटाला मामले में अपने सांसद की गिरफ्तारी के विरोध में पहले ही संसद परिसर में धरना देने की घोषणा की है, वहीं कांग्रेस ने पहले ही दिन नसबंदी के दौरान हुई महिलाओं की मौत का मामला उठाने देने की मांग की है।
पीएम को शांतिपूर्ण सत्र की उम्मीद
विपक्ष के तीखे तेवरों के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शीतकालीन सत्र के शांतिपूर्ण होने की उम्मीद जाहिर की है। सर्वदलीय बैठक में हिस्सा लेने आए प्रधानमंत्री ने कहा कि बीता बजट सत्र कामकाज की दृष्टि से बेहतर गुजरा था। उन्हें उम्मीद है कि शीत सत्र में भी ऐसा ही होगा। उन्होंने विपक्ष द्वारा उठाए गए मुद्दों को महत्वपूर्ण बताया और कहा कि सरकार को इन मुद्दों पर चर्चा से कोई ऐतराज नहीं है।
श्रद्घांजलि के बाद दिन भर के लिए स्थगित होगी लोकसभा
सोमवार को लोकसभा में पांच नए सदस्यों को शपथ दिलाए जाने के बाद अपने दो वर्तमान सदस्यों को श्रद्धांजलि देकर सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित हो जाएगी। शपथ लेने वालों में दिवंगत गोपीनाथ मुंडे के बेटी प्रीतम मुंडे, सपा के तेज प्रताप सिंह शामिल होंगे जबकि तृणमूल कांग्रेस के कपिल कृष्ण ठाकुर और हेमेंद्र सिंह को श्रद्धांजलि दी जाएगी।