रिटेल में एफडीआई पर चर्चा के बाद मतदान कराने की मांग पर विपक्ष के अड़े रहने से संसद में मंगलवार को भी भारी हंगामा हुआ। हंगामे की वजह से पहले राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए और फिर 29 नवंबर तक के लिए स्थगित कर दी गई। वहीं लोकसभा की कार्यवाही भी पहले दोपहर 12 बजे तक, फिर दोपहर 2 बजे तक और बृहस्पतिवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।
इधर भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी का कहना है कि सदन चलाना सरकार का काम है। सरकार को रिटेल में एफडीआई पर चर्चा कराने के साथ मतदान कराना चाहिए। वहीं गतिरोध दूर करने के लिए हुई सर्वदलीय बैठक बेनतीजा रहने के बाद अब इसकी गुंजाइश कम ही है कि इस सप्ताह संसद चल पाएगी। विपक्षी खेमा लोकसभा में नियम 184 और राज्यसभा में नियम 168 के तहत चर्चा कराना चाहता है जिसमें वोटिंग का प्रावधान है।
विपक्ष का मानना है कि जिस तरह यूपीए के घटक दल द्रमुक से लेकर सहयोगी सपा और बसपा एफडीआई पर साथ नहीं हैं, वैसे में वोटिंग की नौबत आई तो सरकार को सदन में इस मुद्दे पर अल्पमत की फजीहत से गुजरना पड़ेगा। इसीलिए सरकार लोकसभा में नियम 193 के तहत चर्चा कराने के पक्ष में है जिसमें वोटिंग का प्रावधान नहीं है।