यूपी बोर्ड की परीक्षाओं को नकल विहीन और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के दावे आधी परीक्षाएं होने से पहले ही दम तोड़ गए हैं। जिले में आए दिन परीक्षार्थी तो नकल करते हुए पकडे़ ही जा रहे हैं, परीक्षा शुरू होने के साथ ही पेपर केंद्र से बाहर आ रहा है। नकल माफिया नकल न होने पर परीक्षा केंद्रों पर उत्पात रहे हैं।
माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश की परीक्षाएं 18 फरवरी से आरंभ हुई थीं। तब से अब तक आधी परीक्षाएं भी नहीं हुई हैं और नकल माफिया प्रशासन और शिक्षाधिकारियों पर हावी हैं। परीक्षा शुरू होने के साथ ही पेपर परीक्षा केंद्र से बाहर मिल रहा है। बुधवार को शेरगढ़ के पैगांव रोड स्थित परीक्षा केंद्र पर रसायन विज्ञान की परीक्षा शुरू होने के साथ ही पेपर केंद्र से बाहर आ गया।
इसके बाद लोगों ने पेपर की फोटो मोबाइल से क्लिक की और प्रश्नों के उत्तर ढूंढकर केंद्र के अंदर पहुंचाए। नकल न कराने पर कक्ष निरीक्षकों के साथ मारपीट की जा रही है। मंगलवार को तो नकल माफियाओं ने एसडीएम गोवर्धन की गाड़ी पर पथराव कर दिया था। फर्जी कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई जा रही है।
इसके अलावा नकल के लिए रुपये न देने पर केंद्र संचालकों द्वारा परीक्षार्थियों को परीक्षा देने से रोकने की शिकायत मिल रही हैं। मामले में केंद्र संचालकों के विरुद्ध रिपोर्ट भी दर्ज हुई हैं। प्रशासन और शिक्षा अधिकारियों की हीलाहवाली से नकल माफियाओं के हौसले बुलंद हैं।