गृहमंत्री राजनाथ सिंह के बेटे और भाजपा के प्रदेश महामंत्री पंकज सिंह ने सोमवार को मुरादाबाद में प्रदेश सरकार को खुलेआम ललकारते हुए सुधर जाने की नसीहत दी है।
जेल में बंद भाजपा कार्यकर्ताओं से मिलने के बाद उन्होंने कहा कि हम लोकतांत्रिक तरीकों से चुनी सरकार को गिराना नहीं चाहते लेकिन तुष्टिकरण में अंधी इस सरकार के कारनामे वक्त पूरा करने लायक नहीं हैं।
पंकज सिंह ने कहा, 'ये कहां का कानून है कि मस्जिदों में लाउडस्पीकर से अजान होगी लेकिन मंदिरों में आरती नहीं होने दी जाएगी। लालच में अंधी ब्यूरोक्रेसी कानून के रास्ते पर चलने के बजाए अखिलेश और आजम के रास्तों पर चलकर एक वर्ग के साथ अत्याचार कर रही है।'
'मंदिरों में लाउडस्पीकर से आरती क्यों नहीं'
भाजपा के प्रदेश महामंत्री पंकज सिंह सोमवार को दोपहर करीब एक बजे सर्किट हाउस पहुंचे। यहां से जुलूस की शक्ल में उनका काफिला जिला जेल पहुंचा। जहां उन्होंने कांठ बवाल में बंद भाजपा नेताओं से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली।
करीब चालीस मिनट बाद बाहर आए पंकज सिंह ने कहा कि चार जुलाई को कांठ थाने की हवालात में भाजपा कार्यकर्ताओं की बर्बरतापूर्ण पिटाई की। सिख कार्यकर्ताओं की पगड़ी उछाली और दलितों को जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया। दलित महिलाओं पर भी पुलिस ने लाठीचार्ज किया और बालों से पकड़कर खींचा।
पंकज सिंह ने कहा, 'मैं मुख्यमंत्री से पूछना चाहता हूं कि प्रदेश की मस्जिदों में अजान के लिए बिना परमिशन चार-चार लाउडस्पीकर लगवाने वाली सरकार मंदिरों में लाउडस्पीकर से आरती क्यों नहीं होने देना चाहती। अजान के लिए नहीं तो आरती के लिए दूसरे वर्ग से समझौता करने की जरूरत क्यों है? आने वाले वक्त में जनता ये समझौते सरकार के मुंह पर फाड़ फेंकेगी।
धरने को लेकर दुविधा में भाजपा
भाजपा मंगलवार को प्रदेश अध्यक्ष द्वारा घोषित धरना प्रदर्शन करेगी या नहीं, इसे लेकर देर रात तक असमंजस की स्थिति थी। जिला प्रशासन द्वारा धरना प्रदर्शन की अनुमति देने से इंकार करने के बाद पार्टी के स्थानीय लेकर प्रदेश स्तर तक के नेता एक दूसरे पर टाल रहे हैं।
प्रदेश अध्यक्ष ने जहां पूरे मामले को स्थानीय नेताओं के ऊपर छोड़ दिया है वहीं प्रदेश प्रवक्ता का कहना है कि कार्यकर्ताओं से तैयार रहने को कहा गया है मंगलवार सुबह का माहौल देखकर उन्हें निर्देश दिए जाएंगे कि करना क्या है।
उन्होंने कहा कि इसके बाद 16 जुलाई को लखनऊ में प्रदेश पदाधिकारियों की मीटिंग है जिसमें इस आंदोलन का भविष्य तय किया जाएगा।
प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि 15,16,17 और 18 तारीखों के लिए हम अपनी रणनीति बदल सकते हैं। हो सकता है कि हम मुरादाबाद कमिश्नरी के बजाए संभल, रामपुर, अमरोहा और बिजनौर जनपद के कार्यकर्ताओं से उनके जिला मुख्यालयों पर ही धरना प्रदर्शन करने को कहें।
ये ऐलान किया था प्रदेश अध्यक्ष ने
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने 12 जुलाई को मुरादाबाद में ऐलान किया था कि थाने में भाजपाइयों पर हुए जुल्म और मंदिर से लाउडस्पीकर उतारने व दलित महिलाओं पर लाठीचार्ज की घटना के खिलाफ भाजपा मुरादाबाद कमिश्नरी पर 15 दिन तक लगातार धरना प्रदर्शन करेगी।
इसके तहत 15 जुलाई से 30 जुलाई तक कमिश्नर दफ्तर पर लगातार धरना प्रदर्शन किया जाना था। इसमें पहले संभल, रामपुर, अमरोहा और बिजनौर के कार्यकर्ता बारी-बारी से चार दिन तक कमिश्नरी पर धरना प्रदर्शन करने आते और गिरफ्तारी देते। फिर इन चारों जिलों की सभी विधानसभाओं के कार्यकर्ताओं को बारी-बारी से कमिश्नरी पर बुलाया जाना था।
'यह लड़ाई स्थानीय स्तर पर लड़ी जा रही है। यदि जिला प्रशासन ने अनुमति नहीं दी है तो पार्टी की लोकल यूनिट अब इस मामले में आगे का फैसला लेगी। स्थानीय इकाई ही तय करेगी कि अब उसे क्या करना है और कैसे करना है।'
- डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा