पंचायत चुनाव में बीडीसी का नतीजा आते ही आगरा के खंदौली कस्बे में बवाल हो गया। यहां वार्ड 38 से चुनाव जीतने वाले बीडीसी प्रत्याशी शानू के समर्थकों पर हमला बोल दिया गया।
ये लोग जीत की खुशी में मिठाइयां बांट रहे थे। आरोप है कि उनके प्रतिद्वंद्वी इश्तयाक के समर्थकों ने उनके साथ मारपीट कर दी। इसके बाद दोनों पक्षों में पथराव हुआ, गोलियां भी चलीं। पत्थर लगने से दो लोग घायल हो गए।
पुलिस ने लाठियां फटकार कर दोनों पक्षों को खदेड़ा। किसी भी पक्ष ने रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई है। घायल जंबो और बुशरा को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुख्य बाजार में हुई इस घटना के दौरान अफरा तफरी मच गई थी।
उधर, फतेहाबाद ब्लॉक के बीडीसी के वार्ड संख्या 87 के बूथ नंबर नौ ( रिहावली ) की मतपेटी एकदम खाली निकली। इस पर डीएम पंकज कुमार ने जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि यहां तीन नवंबर को पुनर्मतदान कराया जाएगा। इसी दिन शाम को मतगणना होगी।
मतपेटिकाओं से निकले नोट
उधर, एटा के अलीगंज-जैथरा में प्रथम चरण के मतदान के दौरान हुए बवाल के बाद मतगणना रोके जाने और चुनाव निरस्त कर इन जगहों पर पुन: मतदान कराने की मांग करने वाले जिला पंचायत सदस्य पद के 28 प्रत्याशियों ने मतगणना का बहिष्कार किया। मतगणना स्थल पर इन प्रत्याशियों का कोई भी एजेंट नहीं पहुंचा।
उधर, कई मतपेटिकाओं में 10-10 के नोट भी निकले। प्रथम चरण के पंचायत चुनाव में अलीगंज, जैथरा विकास खंडों की मतपेटिकाओं से बिना हस्ताक्षर के मतपत्र निकले। इस पर सांसद राजवीर सिंह ने कहा कि ऐसे मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान न कराना जिला प्रशासन की मिलीभगत दर्शाता है। इन मतपत्रों को निरस्त किया जाना चाहिए।
मैनपुरी के सुल्तानगंज ब्लाक में बीडीसी के वार्ड 67 में अधिक मतपत्र निकलने पर पहले परिणाम स्थगित कर दिया गया। बाद में सीडीओ ने देर शाम इसे घोषित कराया। वहीं, हंगामा करने पर 24 युवकों को हिरासत में ले लिया। फीरोजाबाद में कुछ जगहों पर नोकझोंक हुई। मथुरा में मतगणना शांतिपूर्ण रही।
मतपत्रों को लगी दीमक
इसके अलावा फतेहाबाद ब्लॉक के ही जिला पंचायत के वार्ड 43 की बेगनपुर बूथ की मतपेटी में 625 मतपत्रों में 230 पूरी तरह से खराब निकले। इन्हें दीमक ने चट कर रखा था। डीएम ने इसकी भी जांच के आदेश दिए।
बिजनौर में प्रशासन की लापरवाही का मामला सामने आया। यहां मतपेटी में दीमक लग चुका था। इससे सवाल उठ रहे कि कहीं ये किसी प्रत्याशी के भाग्य को चट न कर जाए।
दीमक लगे निरस्त किए गए 60 मतपत्र किसी के भाग्य पर भी भारी पड़ सकते हैं। दीमक लगी देख प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान काफी देर तक मतगणना का काम बंद रहा।
हंगामा बढ़ने पर एआरओ संदीप शर्मा ने आरओ को मामले से अवगत कराया। आरओ ने सभी प्रत्याशियों के सामने कर्मचारियों से मतपेटी के सभी मतपत्रों की गिनती कराई तथा सही मतपत्रों को अलग कराया।
मतपेटी में कुल 334 मतपत्रों में से 60 मतपत्र ऐसे मिले, जिन्हें दीमक ने पूरी तरह से खत्म कर दिया था तथा उनकी कोई पहचान नहीं हो सकी। आरओ ने सभी के सामने 60 मतपत्रों को निरस्त कर दिया। उधर, एआरओ संदीप शर्मा का कहना है कि मतपेटी में दीमक लगे मतपत्रों को आरओ के द्वारा निरस्त कर दिया। इस पर किसी को आपत्ति नहीं रही।