पंजाब के पठानकोट हमले में पाक की भूमिका को लेकर अमेरिका ने अब पाक पर आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया है।
अमेरिका ने पाकिस्तान को दो टूक कहा है कि पाकिस्तान बिना किसी भेदभाव के आतंकवादी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई कर पठानकोट हमले के मास्टरमांइड का पता लगाए।
अमेरिका के गृह विभाग के अधिकारी ने शनिवार को कहा कि पाकिस्तान को पठानकोट हमले में कार्रवाई को लेकर कोई बहानेबाजी नहीं करनी चाहिए जैसा कि मुंबई आतंकवादी हमले में किया गया था।
अमेरिका गृह विभाग के अधिकारी ने कहा है कि पाकिस्तान ने सार्वजनिक तौर पर यह बयान दिया है कि वे पठानकोट हमले को लेकर उच्च स्तरीय जांच कर रहे हैं और आतंकवादी संगठनों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई कर रहे हैं। वहीं पाक के इस बयान पर अमेरिकी गृह विभाग के अधिकारी ने कहा है कि अमेरिका पाक की कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं।
पाक पर अमेरिका की बनी है नजर
अमेरिका ने कहा है कि यह सही वक्त है जब असैन्य सरकार को अपनी ओर से कार्रवाई करनी चाहिए, अमेरिका ने उम्मीद जताई है कि पाक आतंकवादी गुटों के खिलाफ कार्रवाई करने में बिल्कुल भी संकोच नहीं करेगा।
अधिकारी ने कहा कि 'अमेरिका हर मसले पर पाकिस्तान से सहमत नहीं है, हम जानते हैं कि यह चुनौतीपूर्ण समय है, हम पाकिस्तान पर नजर बनाए हुए हैं कि वह अपने बयानों का कैसे पालन करता है।'
अमेरिका ने साफ कहा कि अगर पाक पठानकोट हमले में कार्रवाई नहीं करता है तो पाकिस्तान को आठ एफ -16 की बिक्री के प्रस्ताव को मंजूरी देने के लिए लिए अमेरिकी सरकार को रिपब्लिकन कांग्रेस को मनाना संभव नहीं होगा।
भारत ने दिए थे सबूत
बता दें कि पठानकोट हमले पर अमेरिका के 20 से ज्यादा सांसदों ने खुले तौर पर भारत का समर्थन किया है। मालूम हो कि पठानकोट हमले में भारतीय खुफिया एजेंसियों की जांच में सामने आया है कि पठानकोट एयरबेस में पर हमला करने आए सभी आतंकवादी पाकिस्तान से थे।
भारतीय खुफिया एजेंसियों के मुताबिक पठानकाट एयरबेस हमले में आईएसआई की भूमिका भी सामने आई है। भारत ने हमले में पाक की भूमिका लेकर उसे सबूत भी सौंपे हैं।