भारत और पाकिस्तान के संबंधों में कुछ तल्खी अब भी दिखाई दे रही है। 40वां पुस्तक मेला शुरू होने में दो दिन ही बाकी रह गए हैं, लेकिन इस मेले में शिरकत करना चाह रहे पाकिस्तानी प्रकाशकों को अब तक वीजा जारी नहीं किया गया है। मालूम हो कि हाल में नियंत्रण रेखा पर तनाव पैदा होने के बाद दोनों मुल्कों के रिश्तों में भी खटास आ गई थी।
वर्ल्ड बुक फेयर 2013 दिल्ली में 4 फरवरी से शुरू हो रहा है। सात दिन चलने वाले इस मेले में भारत के अलावा पाकिस्तान, ईरान, नेपाल, तुर्की, सऊदी अरब, अमेरिका, ब्रिटेन, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर और श्रीलंका से 1100 प्रकाशक हिस्सा लेने जा रहे हैं।
नेशनल बुक ट्रस्ट के एमए सिकंदर ने बताया कि पाकिस्तान के छह प्रकाशनों से 15 लोग इस पुस्तक मेले में हिस्सा लेना चाह रहे हैं। पाकिस्तान के प्रकाशकों ने मेले में 201 स्टालों में छह स्टाल बुक कराए हैं। हमें उम्मीद है कि पाकिस्तान में स्थित भारतीय उच्चायोग पाकिस्तानी प्रकाशकों के लिए जल्द वीजा जारी करेगा।
सिकंदर ने कहा कि पाकिस्तान से लोग हमेशा ही इस मेले में शिरकत करते रहे हैं। यह दोनों मुल्कों के लिए अच्छी बात है। दोनों मुल्कों के बीच साहित्य के इस रिश्ते को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। पिछले साल मेले में 1300 से ज्यादा प्रकाशकों ने शिरकत की थी।
मेले में गेस्ट ऑफ ऑनर देश फ्रांस से लेखकों, प्रकाशकों और विद्वानों का बड़ा दल आ रहा है। मेले में चर्चाएं, बहस भी होंगी। फ्रांस के सांस्कृतिक कार्यक्रम में भी पेश किए जाएंगे। स्वामी विवेकानंद की 150वीं जयंती के मौके पर मेले में एक पवेलियन भी बनाई जाएगी, जिसमें विवेकानंद से संबंधित सामग्री मौजूद रहेगी।