पठानकोट आतंकी हमला मामले में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ पाकिस्तान में कार्रवाई के बावजूद दोनों देशों ने आपसी सहमति से प्रस्तावित विदेश सचिव स्तर की वार्ता टालने का फैसला किया है। पाक की ओर से की गई कार्रवाई के बाद भारत में दिन भर वार्ता के भविष्य को लेकर मंथन चलता रहा।
सूत्रों ने बताया कि देर रात में पीएम नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की बैठक के बाद दोनों देशों ने आपसी सहमति से वार्ता टालने का फैसला किया। हालांकि, इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
सूत्रों के मुताबिक जनवरी के अंतिम सप्ताह या फरवरी में वार्ता हो सकती है। पाकिस्तान में बुधवार दोपहर से शुरू हुई ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद भारत 15 जनवरी को प्रस्तावित दोनों देशों के विदेश सचिव स्तर की वार्ता पर लगातार मंथन में जुटा रहा।
इस क्रम में विदेशी मंत्री सुषमा स्वराज ने विदेश सचिव एस जयशंकर के साथ उच्चस्तरीय बैठ की। इसके बाद देर रात सुषमा ने खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।
मंथन इस बात पर हो रहा है कि पाकिस्तान की ओर से अब तक की गई कार्रवाई के मद्देनजर तय समय पर विदेश सचिव स्तर की वार्ता पर हामी भरी जाए या फिर इसके लिए थोड़ा और इंतजार किया जाए।
इसके अलावा पाकिस्तान की ओर से आतंकी हमले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) भेजे जाने संबंधी प्रस्ताव पर भी मंथन जारी है। विदेश सचिव स्तर की वार्ता को लेकर आधिकारिक घोषणा बृहस्पतिवार को हो सकता है।