भारतीय जवानों पर पाकिस्तानी सेना की बर्बरता के बाद दोनों मुल्कों के बीच सीमा पर तनाव बढ़ता दिख रहा है। पाक की ओर से एक बार फिर संघर्ष विराम का उल्लंघन करते हुए बृहस्पतिवार को भारतीय सीमा चौकियों पर गोलाबारी की गई।
जम्मू-कश्मीर के पुंछ में हुई इस फायरिंग का भारत ने भी जवाब दिया, जिसमें पाकिस्तानी सेना ने अपने एक सैनिक के मारे जाने की बात कही है। तनाव के चलते दोनों देशों के बीच कारोबार पर भी असर पड़ा है। पाकिस्तानी सेना ने बृहस्पतिवार को पुंछ में एलओसी ट्रेड सेंटर और अटारी-वाघा सड़क से जाने वाले भारतीय ट्रकों के लिए गेट ही नहीं खोले। पुंछ में टमाटर आदि लेकर पीओके जा रहे करीब 65 ट्रक अटक गए हैं तो वाघा बॉर्डर पर भी बड़ी संख्या में ट्रक खड़े हैं।
पुंछ में चक्का-दा-बाग ट्रेड फैसिलिटेशन सेंटर (टीएफसी) पर 25 ट्रक माल सुबह सेंटर के अंदर भेजा जा चुका था। लेकिन पीओके की ओर से गेट न खोले जाने के कारण ये ट्रक सेंटर में ही सील हो गए हैं। जबकि 35 से ज्यादा ट्रक ट्रेड सेंटर के बाहर खड़े हैं, जो शुक्रवार को भेजे जाने हैं।
ज्यादातर ट्रकों में टमाटर, सब्जियां या अन्य खराब हो जाने वाला सामान है। ये ट्रक यहां से पीओके के ट्रेड सेंटर रावलकोट में प्रवेश करते हैं। पाकिस्तानी सेना ने गेट नहीं खोलने के अपने फैसले से भारतीय सेना को अवगत करा दिया है। अटारी-वाघा बार्डर पर भी भारतीय व्यापारियों का करोड़ों का माल ट्रकों में फंस गया है।
वहीं, पाकिस्तान ने शाम 4:30 बजे भारतीय सेना की तीन चौकियों पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसका भारतीय जवानों ने जवाब दिया। सेना की छज्जा, मान और रोशनी चौकियों पर की जा रही फायरिंग रुक-रुक कर देर रात तक जारी थी।
वहीं, इसलामाबाद में पाकिस्तानी सेना ने बयान जारी कर एलओसी पर गोलीबारी में अपने एक सैनिक के मारे जाने की बात कही है। उसने भारत पर ही फायरिंग शुरू कर उकसावे की कार्रवाई का आरोप लगाया है। हालांकि भारतीय सेना ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। उसका कहना है कि फायरिंग पाक की ओर से शुरू की गई।
सेना ने पाकिस्तान के उन आरोपों को भी नकार दिया है, जिसमें उसने कहा था कि रविवार को भारतीय जवानों ने सीमा पार जाकर एक पाक सैनिक की हत्या कर दी थी। भारत ने कहा कि उलटे 5-6 जनवरी की रात को पाकिस्तान ने भारतीय चौकियों पर गोलीबारी की थी, जिसका भारत ने जवाब दिया था। हमारे जवान सीमा पार नहीं गए थे।
आठ महीने में दूसरी बार रोका व्यापार
इससे पहले पिछले साल 14 जून को चकां-दा-बाग बॉर्डर प्वाइंट के गेट नहीं खोले गए थे। तब भी 11 जून से लेकर कई दिनों तक पाकिस्तान की ओर से भारतीय चौकियों पर जबरदस्त गोलाबारी की गई थी। इस गोलाबारी में दो भारतीय जवान शहीद हो गए थे, जबकि चार घायल हो गए थे।
वीजा प्रक्रिया पर असर नहीं
गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने साफ किया है कि भारत-पाक सीमा पर मौजूदा तनाव का दोनों मुल्कों के बीच उदार की जा रही वीजा प्रक्रिया पर असर नहीं पडे़गा। शिंदे ने कहा कि जो भी वीजा समझौता किया गया है, वह जारी रहेगा। इस पर कोई पुनर्विचार नहीं किया जा रहा है। यह दोनों देशों के लोगों के लिए एक सकारात्मक पहल है।
यूएन से जांच मंजूर नहीं
भारत ने जवानों के साथ पाक सैनिकों की बर्बरता की घटना की जांच संयुक्त राष्ट्र से कराने के पाकिस्तान के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। कैबिनेट की सुरक्षा मामलों की समिति की बैठक में इस घटना की समीक्षा की गई। बैठक के बाद वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि भारत इस मामले का किसी भी सूरत में अंतरराष्ट्रीयकरण करना नहीं चाहता है।
चिदंबरम ने यह भी दावा किया कि सेना के पास हथियारों की कोई कमी नहीं है। उनसे पूछा गया था कि एलओसी के पास तैनात सभी सैनिकों के पास एक-47 राइफल नहीं है, ज्यादातर सैनिकों को कम क्षमता वाली इनसॉस राइफल दी गई हैं।