गुजरात सरकार ने एलओसी पर तनाव बढ़ने के चलते पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल को अपनी कार्यक्रम में कटौती कर वापस लौटाए जाने की खबरों का खंडन किया है। प्रमुख सचिव (उद्योग) महेश्वर साहू ने रविवार को सफाई दी कि 11 सदस्यीय पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल अपने पूर्व निर्धारित प्रोग्राम के तहत प्री-इवेंट खरीदार-विक्रेता बैठक में शामिल हुआ था।
साहू ने एक बयान जारी कर कहा कि मैं उन खबरों का जोरदार खंडन करता हूं, जिसमें कहा गया है कि पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट 2013 में हिस्सा नहीं ले सका। प्रतिनिधिमंडल ने अहमदाबाद में 9 और 10 जनवरी के दौरान खरीदार-विक्रेता मीट में हिस्सा लिया।
इस मीट का आयोजन केमिकल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ने किया था और पाकिस्तानी दल इसमें शामिल होने के लिए आया था। उन्होंने साथ ही कहा कि 11 और 12 जनवरी के दौरान गांधीनगर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में प्रतिनिधिमंडल ने हिस्सेदारी नहीं की।
इसके पहले प्रमुख सचिव (गृह) एसके नंदा ने कहा था कि पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल को वीजा केवल अहमदाबाद तक के लिए जारी किया गया था जबकि कुछ सदस्यों के पास सूरत और वापी के लिए भी वीजा था। ऐसे में प्रतिनिधिमंडल वाइब्रेंट गुजरात समिट में शामिल नहीं हो सकता था।
भारत सरकार पाकिस्तानी नागरिकों को शहर के हिसाब से वीजा जारी करता है। गुजरात सरकार ने अन्य देशों के साथ ही पाकिस्तान को भी द्विवार्षिक बिजनेस मीट के लिए आमंत्रित किया था।