जम्मू की कोट बलवाल जेल में कैदियों के हमले में घायल पाकिस्तानी कैदी सनाउल्लाह की मौत पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने माफी मांगी है।
सनाउल्लाह की मृत्यु के बाद ट्विटर पर उन्होंने कहा है, 'सनाउल्लाह की मृत्यु से उनके परिजनों को जो क्षति हुई, उससे मुझे पूरी सहानुभूति है और मैं उनके परिजनों से माफी मांगता हूं।'
उन्होंने कहा कि इस मामले में जिन लोगों ने लापरवाही बरती है, उनके के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। लेकिन यह घटना बेहद खेदजनक है।
गौरतलब है कि पाक कैदी सनाउल्लाह की गुरुवार तड़के चंडीगढ़ पीजीआई में मौत हो गई। उसकी मौत कई अंगों के एक साथ काम करना बंद कर देने की वजह से हुई है।
गत गत तीन मई को जम्मू की जेल में एक कैदी के हमले में सनाउल्लाह गंभीर रूप से घायल हो गया था।
कौन है पाकिस्तानी कैदी सनाउल्लाह
हमले के बाद बाद से ही वह डीप कोमा में था और उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हो रहा था। उसे पीलिया भी हो गया था।
उसके सिर में गंभीर चोटे आई थी। पहले तो सनाउल्लाह को जम्मू मेडिकल कालेज अस्पताल ले जाया गया था लेकिन बाद में बेहतर इलाज के लिए उसे पीजीआई चंडीगढ में भर्ती किया गया था।
17 साल से था कैद
सनाउल्लाह पाकिस्तान के सियालकोट का निवासी था। उसे 17 साल पहले भारत में गिरफ्तार किया गया था। उस पर हत्या समेत कुल आठ मामले चल रहे थे। इनमे से दो में उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।
पाकिस्तान ने अपने उच्चायोग के अधिकारियों को सनाउल्लाह से मिलने की अनुमति देने की मांग की थी और उसकी इस मांग पर भारत ने पाकिस्तानी उच्चायोग के अधिकारियों को सनाउल्लाह से मिलने की अनुमति दी थी।
सनाउल्लाह को देखने के लिए उसके दो रिश्तेदार अस्पताल भी आए थे।
पाकिस्तान से जाएगा शव
केंद्र सरकार ने सनाउल्लाह का शव पाकिस्तान भेजने की इजाजत दे दी है। गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने बताया, 'सनाउल्लाह का शव पाकिस्तान सरकार को सौंपा जाएगा। विदेश मंत्रालय के अधिकारी पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ बात कर रहे हैं। औपचारिकताएं पूरी होते ही सनाउल्लाह का श्ाव पाकिस्तान को सौंप दिया जाएगा।'
वहीं, पाकिस्तान सरकार सनाउल्लाह का शव वापस ले जाने के लिए विशेष विमान का इंतजाम किया है।
पाकिस्तान ने सनाउल्लह की मौत के मामले की अंतर्राष्ट्रीय एजेंसी से जांच कराने की मांग भी की है। हालांकि भारत सरकार ने किसी भी प्रकार की जांच से मना कर दिया है।