फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कश्मीरी पंडितों पर पाक मीडिया की तिरछी नजर

Sun, 13 Jul 2014 10:02 AM IST
अशोक कुमार/संवाददाता, बीबीसी
विज्ञापन
विज्ञापन
भारत के रक्षा बजट में 12 फीसदी की बढोत्तरी और कश्मीर में कश्मीरी पंडितों को फिर से बसाने के लिए बजट में पांच अरब रुपए देने के प्रस्ताव पर पाकिस्तानी अखबारों में सख्त टिप्पणियां हुई हैं।
विज्ञापन


नवाए वक्त कहता है कि 22 खरब 90 अरब रुपए की रकम भूख और बदहाली के शिकार देश की सुरक्षा के लिए रखी गई है।

अखबार के अनुसार यही नहीं, कश्मीर में कश्मीरी पंडितों को फिर से बसाने की योजना से वहां चिंता की लहर दौड गई है।

अखबार का कहना है कि पाकिस्तान सरकार तो मोदी सरकार से रिश्तों में बेहतरी की उम्मीद लगाए बैठी है जबकि भारत अपनी सैन्य ताकत बढाकर पाकिस्तान की संप्रभुता खत्म करने के मंसूबे बना रहा है।

आटा मुकदमा का लेख

वहीं औसाफ कहता है कि उम्मीद थी कि मोदी प्रधानमंत्री बनने के बाद खुद पर चरमपंथी सोच रखने का दाग नहीं लगने देंगे लेकिन कश्मीर में हिंदुओं को बसाने की योजना साबित करती है कि ऐसा नहीं हुआ।

भारत के रक्षा खर्च में इजाफे पर अखबार लिखता है कि भारत को अपना जंगी जुनून छोडकर गरीबों की जिंदगी बेहतर बनाने पर जोर देना चाहिए।

रोजनामा एक्सप्रेस ने उत्तरी वजीरिस्तान में पाकिस्तानी सेना के अभियान के बीच ड्रोन हमलों की आलोचना की है।

अखबार के मुताबिक ऐसे ड्रोन हमलों का नकारात्मक असर होगा और इससे देश में अमन की कोशिशें को नुकसान पहुंचेगा।

अखबार 'जंग' का संपादकीय

जंग का संपादकीय है- आटा मुकदमा: बुनियादी हक कब मिलेगा?

मामला आटे की बढती कीमतों को लेकर दायर याचिका का है, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि प्रांतीय और संघीय सरकार 17 जुलाई तक यह बताएं कि वो गरीबों को जरूरी चीजें कैसे सस्ते दामों पर मुहैया कराएंगी।

अदालत ने कहा कि अगर इसका टाइम टेबल न दिया गया तो गंभीर नतीजे भुगतने होंगे।

भारतीय अखबारों में राष्ट्रीय सहारा ने भारतीय जनता पार्टी के नए अध्यक्ष पर संपादकीय लिखा है- अमित शाह का चुनाव क्यों?
विज्ञापन

अखबार ने छापी मोदी-अमित शाह की तस्वीर

अखबार कहता है कि अमित शाह को नरेंद्र मोदी चुनाव का माहिर समझते हैं और शायद गलत भी नहीं समझते। लेकिन यूपी के बाद अब उनकी अगली परीक्षा महाराष्ट्र है जहां विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।

दैनिक एतमाद ने इसी विषय पर अपने एक लेख की सुर्खी लगाई है मोदी से बेतकल्लुफ दोस्ती का सिला और एक तस्वीर छापी है जिसमें खिलखिलाते मोदी के सामने अमित शाह को सिर झुकाए दिखाया गया है।

हिंदोस्तान एक्सप्रेस ने बजट में सौ स्मार्ट सिटी बसाने की योजना पर लिखा है कि गांव और शहरों से पलायन देखते हुए नए शहरों की सख्त जरूरत है।

अखबार कहता है कि इस योजना पर अमल शुरू होने से रोजगार के नए दरवाजे भी खुलेंगे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें