पाकिस्तानी सेना सीमा पर बर्बरतापूर्ण करतूत में अक्सर आतंकवादियों का इस्तेमाल करती है। सेनाध्यक्ष जनरल बिक्रम सिंह ने सोमवार को साफ किया कि भारतीय सेना पाक की करतूतों को अच्छी तरह से समझती है और सुरक्षात्मक कार्रवाई की नीति में इस पहलू को भी शामिल किया जाता है।
मालूम हो कि अमर उजाला ने सोमवार को छपी खबर में कहा था कि आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा प्रमुख हाफिज सईद पाकिस्तानी सेना के साथ मिलकर भारत विरोधी एजेंडे पर काम कर रहा है। जनरल सिंह ने कहा कि पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) में आतंकवादियों के कैंप पूरी तरह बरकरार हैं और सईद की मौजूदगी कई बार देखी गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे की पीओके में सईद की मौजूदगी का बयान उन्हें भी मालूम है। शिंदे ने यह जानकारी खुफिया रिपोर्ट के आधार पर दी थी। जनरल के मुताबिक सेना का खुफिया विभाग भी इस बात की तस्दीक में लगा है कि एलओसी पर हुई सिर काटने की ताजा वारदात में लश्कर जैसे आतंकियों का हाथ है या नहीं।
सेना के उच्चपदस्थ अधिकारी के मुताबिक पाक सेना और वहां की खुफिया एजेंसी आईएसआई की भारत के खिलाफ प्रॉक्सी वार में आतंकवादियों का इस्तेमाल जग जाहिर हो चुका है। पाक सेना के सीमा पर फायरिंग का मुख्य मकसद यही होता है कि उसकी आड़ में प्रशिक्षित आतंकियों को इस तरफ भेजे। अब तो यह भी साफ हो चुका है कि ये आतंकी सेना के साथ सीमा पर की जाने वाली करतूतों में भी हिस्सा लेते हैं।