राष्ट्रपति चुनाव को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटा चुके एनसीपी नेता पीए संगमा अब नई राजनीतिक पार्टी बनाने में जुट गए हैं। यूपीए सरकार में हाल तक राज्यमंत्री रहीं अपनी बेटी अगाथा संगमा को हटाए जाने के बाद पूर्व लोकसभा अध्यक्ष ने अपनी पार्टी बनाने की सरगर्मी बढ़ा दी है। माना जा रहा है कि संगमा की यह प्रस्तावित नई पार्टी एनडीए का हिस्सा भी बनेगी।
इससे पूर्वोत्तर में एनडीए को एक मजबूत सहयोगी मिलने की संभावना है। संगमा भाजपा नेतृत्व के साथ भी लगातार संपर्क में हैं। संगमा यूपीए सरकार से पहले से नाराज चल रहे थे। अब केंद्रीय मंत्रिमंडल से अपनी बेटी अगाथा संगमा की विदाई ने उनकी नाराजगी और बढ़ा दी है। इसलिए संगमा अब एनसीपी से अलग राह की ओर बढ़ रहे हैं।
यूपीए से तो वह तभी दूर हो गये थे, जब उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव में पहले तो प्रणब मुखर्जी के खिलाफ ताल ठोकने का फैसला किया और फिर इस चुनाव के विवाद को सुप्रीम कोर्ट में ले गये। इस घटनाचक्र के चलते संगमा को अब यूपीए में अपने लिए ज्यादा संभावनाएं नहीं दिख रही हैं।
सूत्रों के अनुसार संगमा मेघालय विधानसभा चुनाव से पहले अपनी पार्टी का गठन कर लेना चाहते हैं। मेघालय में त्रिपुरा व नगालैंड के साथ अगले साल जनवरी में चुनाव हैं। पिछले चुनाव में मेघालय की 60 सीटों में से एनसीपी ने 15 सीटें जीती थीं।
अब संगमा मेघालय के साथ ही पूर्वोत्तर की एक मजबूत सियासी ताकत बनने की रणनीति के तहत यह कदम उठाने जा रहे हैं। राष्ट्रपति चुनाव में भाजपा से मिले समर्थन से संगमा गदगद हैं। इसलिए वह अपनी नई पार्टी को एनडीए का हिस्सा बनाने के लिए तैयार हैं। संगमा इससे पहले भी एनडीए केखेमे में रह कर लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं।