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'घुसपैठियों के संरक्षक हैं ओवैसी-आजम'

Sun, 14 Dec 2014 01:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, आगरा, अलीगढ़
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आगरा में वेद नगर, कबाड़ बस्ती में धर्म परिवर्तन कार्यक्रम के बाद सियासी पारा चरम पर है। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ भी खुलकर सामने आ गया है। ‘घर वापसी’ के पक्षधर संघ ने धर्मांतरण के खिलाफ सख्त कानून बनाने की मांग की है, तो सपा, बसपा और कांग्रेस पर बांग्लादेशी घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप भी लगाया। हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी और प्रदेश सरकार के मंत्री आजम खां को इनका संरक्षक तक करार दे डाला।
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ब्रज प्रांत प्रचारक दिनेश ने कहा कि हिंदूवादी संगठन धर्मांतरण नहीं बल्कि घर वापसी करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि धर्मांतरण तो विदेशी ताकतें लालच देकर पूर्वोत्तर के हिंदुओं का करा रही हैं। यही ताकतें बांग्लादेशियों की घुसपैठ भी करा रही हैं। घर वापसी उनकी कराई जाती है, जिन्होंने पूर्व में कभी भय, लोभ या भ्रमवश धर्म परिवर्तन किया। ऐसे लोगों को संवैधानिक तरीके से सर्टिफिकेट दिए जाते हैं। कई संस्थाएं यह काम कर रही हैं। इनको अकेला भी नहीं छोड़ा जाता। उनके रोटी-बेटी के संबंध भी स्थापित कराए जाते हैं।

उन्होंने सपा, बसपा और कांग्रेस पर हमला बोला कि ये पार्टियां बांग्लादेशी घुसपैठियों को अपना वोट बैंक समझकर उनके नागरिकता, वोटर कार्ड, राशन कार्ड बनवा रही हैं। प्रांत प्रचारक ने घुसपैठियों को चिह्नित कर इनकी नागरिकता समाप्त करने और देश से बाहर करने की मांग की।
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‘धर्मांतरण कराने वाले की नागकरिता की जांच हो’
संघ के ब्रज प्रांत प्रचारक दिनेश ने यह कह कर भी चौंका दिया कि कबाड़ बस्ती के धर्मांतरण मामले में वाल्मीकि समाज के जिस व्यक्ति (नंदकिशोर वाल्मीकि) के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है, उसकी नागरिकता की भी जांच होनी चाहिए। बता दें, अब तक नंदकिशोर वाल्मीकि को आरएसएस के ही प्रकल्प धर्म जागरण के प्रांत संयोजक के रूप में जाना जाता था।

भगवा झंडा फूंकने पर भड़के हिंदूवादी

धर्म परिवर्तन प्रकरण में वेद नगर की बस्ती में फूंके गए भगवा झंडे के विरोध में हिंदूवादी संगठन ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन से जुड़े युवाओं ने हिंदुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ का आरोप लगाते हुए थाना सदर में प्रदर्शन किया।

आक्रोशित युवाओं ने झंडा फूंकने वालों के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। शनिवार को हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने थाना सदर पर भगवा झंडा फूंकने वालों के खिलाफ प्रदर्शन किया। मंच के प्रांत प्रचार प्रमुख विवेक शुक्ला ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व शहर की शांत व्यवस्था को बिगाड़ना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज की आस्था के प्रतीक भगवा ध्वज को जलाने वालों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए।

पुतले को लेकर पुलिस से छीनाझपटी
धर्मांतरण प्रकरण का विरोध लगातार जारी है। शनिवार को पीस पार्टी की ओर से दिल्ली गेट पर आरएसएस का पुतला फूंका गया। पुलिस और पार्टी कार्यकर्ताओं में छीनाझपटी भी हो गई। पुलिस ने पहले तो यहां जमा हुए कार्यकर्ताओं से पुतला फूंकने की मना की, जब वह नहीं माने तो पुतला छीनने का प्रयास किया। इस दौरान पुतले को लेकर छीनाझपटी हो गई। मौका पाकर कार्यकर्ताओं ने पुतले में आग लगा दी।

बिग बॉस की दहशत में सधे हुए कदम

अलीगढ़ में राजा महेंद्र प्रताप प्रकरण में बैकफुट पर आई भाजपा अब ‘घर वापसी’ को लेकर उलझन में पड़ गई है। सवाल एक ही उठ रहा है- कहीं बिग बॉस का फोन आ गया तो क्या होगा?

गौर हो कि एएमयू को जमीन दान देने वाले राजा महेंद्र प्रताप प्रकरण में सांसद सतीश गौतम और जिलाध्यक्ष चौ. देवराज सिंह की जोड़ी ने बढ़-चढ़ भाग लिया था। किसी हद तक एएमयू पर दबाव भी बना और कुलपति सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल जमीरूद्दीन शाह ने राजा पर एक सेमिनार कराने का भरोसा दिलाया। क्योंकि उसी वक्त में जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव चल रहे थे इसलिए बिग बॉस का फोन स्थानीय नेताओं के पास आया और सांसद और जिलाध्यक्ष को बैकफुट पर जाना पड़ा। ताकि भाजपा की पॉपुलर इमेज को बरकरार रखा जा सके।

अब घर वापसी के आयोजन को लेकर भी स्थानीय भाजपा नेता पसोपेश में हैं कहीं बिग बॉस का फोन फिर से न आ जाए और दोबारा से बैकफुट की किरकिरी न झेलनी पड़े। इसलिए धर्म जागरण समिति के ‘घर वापसी’ आयोजन में अब तक बड़े स्थानीय भाजपा नेताओं ने खुल कर कुछ नहीं कहा है। इस मामले में बचते-बचाते बयान दिए जा रहे हैं। हालांकि अंदरखाने अब तक समिति को पूरा समर्थन भी दिया जा रहा है। भाजपा, आरएसएस, बजरंग दल, हिंदु युवा वाहिनी सहित दूसरे संगठनों के प्रतिनिधि भी इसलिए बहुत सधे हुए कदमों से आगे बढ़ रहे हैं।
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रेंज में अलर्ट, नहीं होने दी जाएगी जोर-जबरदस्ती: डीआईजी

अलीगढ़ में डीआईजी मोहित अग्रवाल ने साफ कहा है कि भारतीय कानून में डरा-धमकाकर या किसी भी तरह के प्रलोभन से धर्मांतरण गैरकानूनी है। वर्तमान माहौल को लेकर रेंज भर में अलर्ट जारी किया गया है। थानेदारों को सख्त ताकीद कर दी गई है कि इस तरह की किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई करें।

रेंज भर में अलर्ट के मुद्दे पर ‘अमर उजाला’ से बातचीत में डीआईजी मोहित अग्रवाल ने बताया कि चारों जिलों के थाना प्रभारियों तक को कहा गया है कि वह गांव-गांव नजर रखें। कहीं भी छद्म तरीके से धर्मांतरण जैसी खबर पर तत्काल कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति अगर स्वेच्छा से ऐसा करता है तो उसमें किसी तरह की अड़चन नहीं है। रहा सवाल आयोजन की अनुमति का न तो अभी तक रेंज में किसी आयोजन की अनुमति मांगी गई है और न दी गई है। हां, महेश्वर इंटर कॉलेज सासनी गेट में आयोजन की जानकारी जरूर है। जिसकी अनुमति की संभावना नहीं है, क्योंकि धारा 144 लागू है।

एक सवाल पर उन्होंने कहा कि इस तरह के धर्मांतरण कराने वाले लोग भी खुफिया व पुलिस के रडार पर हैं। उनकी हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। रहा सवाल सांसद योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम का तो प्रशासन को अभी तक उनके आने का कोई कार्यक्रम नहीं मिला है। गिरिजाघरों की सुरक्षा को लेकर भी सख्त हिदायत दे दी गई है। 24 व 25 दिसंबर को पूरे रेंज में सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त रहेंगे। किसी को कानून नहीं तोड़ने दिया जाएगा।

हाथरस में हिंदूवादियों के कार्यस्थलों पर खुफिया निगाहें
अलीगढ़ में धर्मांतरण के संभावित कार्यक्रम के मद्देनजर खुफिया तंत्र और ज्यादा सतर्क होता जा रहा है। आरएसएस के स्थानीय कार्यालय से लेकर कुछ शैक्षिक संस्थानों पर खुफिया नजर रखी जा रही है। खुफिया नजर के  दायरे में हिंदूवादी नेता भी हैं। ऐसे स्थानों पर खुफिया तंत्र की विशेष निगाहें हैं, जहां पहले ‘घर वापसी’ के कार्यक्र म हो चुके हैं। इधर, हिंदूवादी अपने आला नेताओं के लगातार संपर्क में है। कार्यक्रम कहां होगा और किस तरह से होगा, इसकी जानकारी के साथ तैयारी भी गुपचुप तरीके से कर रहे हैं।
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